मध्यप्रदेश राज्य

बाबू की हिस्ट्री में आई परियोजना महिला अधिकारी गायब, छिंदवाड़ा में होने की पुष्टि हुई

पांढुर्ना(गुड़डू कावले): स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी कोरोना काल में क्षेत्र के लोगो को कोरोना संक्रमण महामारी से बचाने के लिए दिन रात एक कर रहे है। वहीँ पिछले चार दिनों के घटनाक्रम ने प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है।

क्षेत्र में पिछले 3 दिनों के घटनाक्रम में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की बात की जाए तो कोरोना संक्रमण की अपडेट में महिला बाल विकास विभाग के बाबू कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। बाबू की हिस्ट्री में तहसीलदार मनोज चौरसिया ने सस्पेक्टेड महिला परियोजना अधिकारी को रिकार्ड में होम क्वारंटीन किया था और कार्यालय से अस्पताल भेजा गया था।

महिला परियोजना अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर फीवर टेस्ट कर किसी को बताये बिना ही अपने ड्राइवर के साथ छिंदवाड़ा पहुंच गई। इस मामले में उस समय संदेह हुआ जब उसी कार्यालय के चपरासी को संस्थागत कोरन्टीन किया गया जिसके बाद जांच पड़ताल में पता करने पर वस्तुस्थिति सामने आई कि महिला परियोजना अधिकारी का शहर में ना तो कोई घर है ना ही कोई किराए पर लिया हुआ कमरा है।

इन परिस्थितियों में महिला परियोजना अधिकारी पर प्रशासन अधिकारियों को गुमराह कर महिला अधिकारी पिछले दो दिनों से छिंदवाड़ा में रह रही है और स्थानीय प्रशासन को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी।

मीडिया के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में यह बात आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और महिला परियोजना अधिकारी को कार्रवाई के नाम पर चर्चा कर उसे पांडुरना आने को कहा। जिसके बाद महिला परियोजना अधिकारी आनन-फानन में अपने ड्राइवर के साथ शुक्रवार की रात्रि 12:00 बजे शहर पहुंची और अधिकारियों ने दोनों को शहर के कोविड-19 अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया कराया है।

महिला परियोजना अधिकारी के गैर जिम्मेदाराना हरकत को लेकर प्रशासन गंभीर है। डॉक्टर के हिस्ट्री में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को 119 लोगों के इलाजरत होने की जानकारी के बावजूद उन्होंने अपने निजी क्लीनिक में शहर से लेकर ग्रामीण वासियों का इलाज किया।
अधिकारियों ने डॉक्टर की हिस्ट्री का पता किया तो119 लोगों की सूची प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ लगी है। एसडीएम सुश्री मेघा शर्मा ने इस मामले में गंभीरता से डॉक्टर के संपर्क में आने वाले सस्पेक्टेड लोगो को कोरन्टीन करने के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। इस पूरे घटनाक्रम में एसडीएम ने बताया कि जब डॉक्टर साहब के सैंपल कोविड-19 जांच के लिए गए थे तो उन्हें लोगों के संपर्क में नहीं आना था।

इनका कहना है:
बाबू की हिस्ट्री में महिला परियोजना अधिकारी के संबंध में जानकारी ली गई, उसका छिंदवाड़ा होना पता किया गया। इसके बाद उन्हें पांढुर्ना बुलाकर आइसोलेट किया गया है। इस संबंध में महिला अधिकारी को नोटिस जारी कार्रवाई करेंगे।
–सुश्री मेघा शर्मा, एसडीएम पांढुर्ना

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें