बड़ी खबर राजनीति

बीजेपी के गले क्यों पड़ रहे चिराग पासवान

नई दिल्ली। लोकजनशक्ति पार्टी द्वारा एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने के फैसले के बाद बीजेपी की तरफ से स्थिति साफ़ कर दी गई थी कि लोकजनशक्ति पार्टी अब एनडीए का हिस्सा नहीं है और उसका लोजपा के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं है।

इसके बावजूद लोकजनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान लगातार बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर बड़े बयान दे रहे हैं। बीजेपी ने चिराग पासवान को झटका देते हुए यह भी कहा कि एनडीए से बाहर का कोई भी दल या उम्मीदवार यदि चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के फोटो का इस्तेमाल करता है तो उस पर कार्रवाही की जायेगी।

इतना सब कुछ होने के बावजूद चिराग पासवान अभी भी बीजेपी के गले पड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यह भी साफ़ है कि रामविलास पासवान के निधन के बाद अब लोकजनशक्ति पार्टी का मोदी सरकार में भी प्रतिनिधित्व समाप्त हो चुका है।

बीजेपी चिराग पासवान से अपना दामन बचाने की कोशिश करती दिख रही है, वहीँ चिराग पासवान बीजेपी का दामन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। अब ताजा बयान में चिराग पासवान ने कहा है कि “मैं भाजपा को धर्म संकट में नहीं डाल सकता। पीएम मोदी अपना गठबंधन धर्म निभाएं। वो चाहें तो मेरे खिलाफ भी बोलें।”

चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा कि “मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी किसी संकट में पड़ें। वे अपना गठबंधन धर्म निभाएं। आदरणीय मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश जी जी को संतुष्ट करने के लिए मेरे ख़िलाफ़ भी कुछ कहना पड़े तो निस्संकोच कहें।”

वहीँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए चिराग पासवान ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “आदरणीय नीतीश कुमार जी ने प्रचार का पूरा ज़ोर मेरे और प्रधानमंत्री जी के बीच दूरी दिखने में लगा रखा है। बांटो और राज करो की नीती में माहिर मुख्यमंत्री जी हर रोज़ मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे है।

इस पूरे मामले को समझने के लिए यह जानना ज़रूरी होगा कि आखिर बीजेपी की चापलूसी करने के पीछे चिराग पासवान की क्या मज़बूरी है। जानकारों की माने चिराग पासवान बार बार बीजेपी के साथ होने की बात कह रहे हैं, उनकी नज़र अपने पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद मोदी केबिनेट में खाली हुए मंत्री पद पर लगी हैं। इसलिए वे पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की सराहना कर रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक चिराग पासवान जानते हैं कि उन्हें बिहार के विधानसभा चुनाव में कुछ भी सम्मानजनक हासिल होने वाला नहीं हैं। ठीक चुनाव के समय पिता रामविलास पासवान की मौत के बाद लोकजनशक्ति पार्टी का चुनाव अभियान शुरू होने से पहले ही ठन्डे बस्ते में चला गया।

ऐसी स्थिति में चिराग पासवान जानते हैं कि बिहार चुनाव के बाद वे राज्य में किसी बड़ी भूमिका में नही रहेंगे। इसलिए उन्हें राजनीति में अपना कद बनाये रखने के लिए ज़रूरी होगा कि उन्हें मोदी केबिनेट में स्थान मिले। जिससे वे अपने राजनैतिक एजेंडो को पूरा कर सकें।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें