बड़ी खबर सोशल

क्या है व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी, जिसके कारण लोग तेजी से छोड़ रहे व्हाट्सएप

नई दिल्ली। अभी हाल ही में मेसेजिंग एप व्हाट्सएप ने अपनी नई गोपनीयता पॉलिसी (प्राइवेसी पॉलिसी) का एलान किया। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी अमल में आने के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने रातो रात व्हाट्सएप छोड़ दिया। इतना ही नहीं कई देशो में रक्षा और ख़ुफ़िया तंत्र से जुड़े अधिकारीयों को तुरंत व्हाट्सएप छोड़ने के निर्देश जारी किये गए हैं।

व्हाट्सएप को अब तक एक सुरक्षित मेसेजिंग एप माना जाता था। इस एप पर किसी तरह के विज्ञापन भी नहीं थे। इसके अलावा निजिता और गोपनीयता के लिहाज से यह एप अन्य मोबाईल एप्स की तुलना में अधिक लोकप्रिय था और इस पर यूजर्स की संख्या अन्य मोबाईल एप्स की तुलना में काफी ज़्यादा थी।

पिछले एक सप्ताह के अंदर बड़ी तादाद में यूजर्स द्वारा व्हाट्सएप छोड़े जाने के पीछे व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को कारण बताया जा रहा है। आखिर व्हाट्सएप की नई प्राईवेसी पॉलिसी में ऐसा क्या है जो रातो रात करोडो यूजर्स ने व्हाट्सएप को अलविदा कह दिया।

व्हाट्सएप छोड़ने का यह सिलसिला सिर्फ निजी यूजर्स तक ही सीमित नहीं है। व्हाट्सएप की नई नीतियों से नाराज़ तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान के कार्यालय और रक्षा मंत्रालय ने व्हाट्सएप को हटाने का एलान किया है।

ये भी पढ़ें:  अजब है कोरोना की कहानी, कहीं दो हज़ार का चालान तो कहीं रैलियों में लाखो की भीड़

वहीं अरबपति एलन मस्क ने अपने 42 मिलियन ट्विटर इंक फ़ोलोवर्स को प्रतिद्वंद्वी ऐप सिग्नल के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। भारी संख्या में नए यूज़र्स की आमद के कारण, 10 जनवरी को सिग्नल की पंजीकरण सेवा क्रैश कर गई।

व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी में क्या है नया:

व्हाट्सएप की तरफ से यूजर्स को भेजे जा रहे अपडेट में कहा गया कि व्हाट्सएप की सर्विस जारी रखने के लिये यूजर्स को 8 फरवरी, 2021 तक नई डेटा शेयरिंग पॉलिसी को मानना ही होगा या वे एप्प को अनइंस्टॉल कर सकते हैं। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी में पुरानी प्राइवेसी पॉलिसी के मुकाबले 4 नई चीज़ो को जोड़ा गया है।

1. व्हाट्सएप को इसके बाद आपका डाटा फ़ेसबुक नेटवर्क के इंस्टाग्राम जैसे उत्पादों के साथ शेयर करने का अधिकार होगा, भले ही उसमें पहले से आपका खाता या प्रोफ़ाइल हो या न हो।

2. आपकी बातचीत एंड टू एंड एन्क्रिप्ट रहेगी, जिसका अर्थ है कि न सिर्फ़ व्हाट्सएप बल्कि फ़ेसबुक के दूसरे एप्स भी आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट, लोकेशन, वित्तीय जानकारी और दूसरा डाटा साझा कर सकते हैं। साथ ही साथ आपके फ़ोन की विशिष्ट पहचान और अन्य प्रकार का तथाकथित मेटाडाटा भी।

3.  इतना ही नहीं व्हाट्सएप के पास आपका जितना भी डेटा है, वह अब फेसबुक की दूसरी कंपनियों के साथ भी शेयर किया जाएगा। इस डेटा में लोकेशन की जानकारी, IP एड्रेस, टाइम जोन, फोन मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम, बैटरी लेवल, सिग्नल स्ट्रेन्थ, ब्राउजर, मोबाइल नेटवर्क, ISP, भाषा, टाइम जोन और IMEI नंबर शामिल हैं। इतना ही नहीं, आप किस तरह मैसेज या कॉल करते हैं, किन ग्रुप्स में जुड़े हैं, आपका स्टेटस, प्रोफाइल फोटो, और लास्ट सीन तक शेयर किया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  लखनऊ में कल से नाइट कर्फ्यू का एलान

4. कहा जा रहा है कि फ़ेसबुक ने अधिक लाभ उठाने के लिए यह नियम बनाया है। 2020 की तीसरी तिमाही में फ़ेसबुक ने लगभग 21.5 बिलियन डॉलर विज्ञापनों से कमाए हैं, जबकि व्हाट्सएप में ऐसा कुछ नहीं है। कंपनी व्हाट्सएप पर अपने यूज़र्स की आदतों को जानकर, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर अधिक लक्षित विज्ञापन प्रदान करने में सक्षम होगी और व्यवसायों से व्हाट्सएप में उन वस्तुओं के लिए पैसा लेगी, जो इंस्टाग्राम में विज्ञापनों पर क्लिक किए गए थे।

गौरतलब है कि व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी 8000 शब्दों से भी ज्यादा लंबी है और इसमें इस प्रकार के कानूनी शब्दों का इस्तेमाल किया गया है कि एक आम आदमी को आसानी से समझ में आना संभव नहीं है।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें