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उर्मिला मातोंडकर ने सीएए को बताया काला कानून, अंग्रेजो के रॉलेट एक्ट से की तुलना

मुंबई। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनो के बीच फिल्म अभिनेत्री और पूर्व कांग्रेस नेता उर्मिला मातोंडकर ने सीएए को काला कानून बताया है। उन्होंने इस कानून की तुलना अंग्रेजों द्वारा लाए रॉलेट एक्ट से की है।

उर्मिला ने नागरिकता कानून की अंग्रेजो के कानून से तुलना करते हुए कहा कि ये कानून काफी खतरनाक था, वो 1919 का कानून और आज 2019 का सीएए कानून है। ये दोनों कानून इतिहास में काले कानून के नाम से दर्ज होंगे।

उन्होंने कहा कि आज जिस तरह लोग रास्ते पर उतर रहे हैं और उस वक्त जिस तरह से लोग रास्ते पर उतरे थे। मैंने वो वक्त देखा तो नहीं लेकिन जिस तरह से मैंने पढ़ा है ये उसकी याद दिलाते हैं। ये कानून गरीबों के खिलाफ हैं और वो गरीब कोई भी गरीब शख्स हो सकता है।

सरकार और बीजेपी नेताओं की आलोचना करते हुए उर्मिला ने कहा कि ऐसा एहसास दिलाया जाता है कि ये कानून मुसलमानों के खिलाफ है, लेकिन उसके अलावा आज कहीं न कहीं 15 प्रतिशत मुसलमानों का डर 85 प्रतिशत हिंदुओं को बताकर उनपर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘अंग्रेज जानते थे कि 1919 में दूसरे विश्वयुद्ध के बाद भारत में विरोध बढ़ेगा। इसलिए वो रॉलेट एक्ट लेकर आ गए। 1919 का वह कानून और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019, दोनों ही को इतिहास में काले कानून के रूप में दर्ज किया जाएगा।’ उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि कथित देशभक्त देश पर इस प्रकार की तानाशाही करना चाहते हैं।

बता दें कि पहला विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक चला था, वहीं दूसरा विश्वयुद्ध 1938 से 1945 तक लड़ गया था। पहले विश्वयुद्ध के बाद 1919 में अंग्रेज रॉलेट एक्ट लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि इस एक्ट में अंग्रेजी सरकार के पास ये ताकत थी कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को वो जेल में डाल सकते थे। ऐसा ही अब हो रहा है।

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