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अंदर की बात: श्वेत-अश्वेत की लड़ाई से ट्रंप को मिलेगा चुनाव में फायदा

नई दिल्ली (राजाज़ैद)। अमेरिका के मिनियापोलिस में पुलिस की थर्ड डिग्री से एक अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ़्लॉइड की मौत के बाद अमेरिका के कई राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और अमेरिका के 30 शहर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बन चुके हैं।

अश्वेत नागरिक मी मौत और प्रदर्शनों के बीच श्वेत और अश्वेत लोगों के बीच खाई गहरी हो थी है। हालांकि यह पहली बार नहीं हो रहा है, अमेरिका में काफी पहले से ही श्वेत और अश्वेत का मामला चलता रहा है।

अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। तादाद के हिसाब से अमेरिका में श्वेत नागरिको की संख्या काफी ज़्यादा है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो अमेरिका में श्वेत लोगों की तादाद कुल आबादी का लगभग 72.4 फीसदी है, वहीँ अफ़्रीकी मूल के अमेरिकी अश्वेत नागरिको की तादाद 12.6%, लेटिन अमेरिकन की तादाद 16.3%, एशियाई देशो के अमेरिकन की तादाद 4.8% तथा 10.2% अन्य अमेरिकी नागरिक हैं। अन्य में अलास्का के नेटिव अमेरिकन, अन्य पेसिफिक आइजलेंड भी शामिल हैं।

श्वेत लोगों का रुझान ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की तरफ रहा है और अश्वेत लोगों का झुकाव शुरू से ही डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ रहा है। अमेरिका में कोरोना संक्रमण के चलते हुई ताबड़तोड़ मौतों के बाद अमेरिका की राजनैतिक स्थति काफी बदली हुई है।

कोरोना संक्रमण के दौरान ट्रंप के बयानों और बदइंतजामी के खिलाफ श्वेत समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले बुद्धजीवी ट्रंप से दूरी बना चुके हैं। यही कारण हैं कि श्वेत लोगों में भी ट्रंप के खिलाफ नाराज़गी साफ़ दिखाई दे रही है।

अमेरिका में कोरोना संक्रमण फैलने के बाद इलाज को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के बेतुके बयानों से नाराज़ श्वेत लोगों और ट्रंप के बीच की खाई लगातार गहरी हो रही थी लेकिन अचानक ही अश्वेत नागरिक की मौत के बाद सड़को पर शुरू हुए प्रदर्शनों ने एक बार फिर श्वेत लोगों का रुझान ट्रंप की तरफ हो गया है।

यूएसए टुडे के अप्रैल महीने में किए गए एक सर्वे में 63 फीसदी अफ्रीकी अमेरिकियों ने बाइडेन को वोट देने की बात कही। वहीं, सिर्फ 8 फीसदी ने कहा कि वे ट्रंप को अपना वोट देंगे। ट्रंप के वोटर बैंक में अश्वेतों की हिस्सेदारी कम ही है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जो बिडेन के समर्थन का ऐलान किया है और लोगों से उन्हें वोट करने की अपील की है। बराक ओबामा ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए जो बिडेन के समर्थन की बात कह चुके हैं।

जानकारों की माने तो 3 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रंप श्वेत -अश्वेत का मुद्दा उठाकर चुनावी बाजी को अपनी तरफ मोड़ने की कोशिश करेंगे। ट्रंप की इस रणनीति को डेमोक्रेटिक पार्टी पहले से ही भांप गई है और इसीलिए डेमोक्रेटिक नेता अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ़्लॉइड की मौत को लेकर बेहद सधी हुई प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

अमरीका के पूर्व श्रम मंत्री राबर्ट राएख़ ने ब्रिटेन के गार्डियन अख़बार में कहा कि डोनल्ड ट्रंप अब अमरीका के राष्ट्रपति नहीं रहे, वह उसी समय अपने पद से हट गए थे जब उन्होंने देश पर टूट पड़ने वाले संकटों के मुक़ाबले में कोई ठोस क़दम नहीं उठाया।

अपने लेख में राएख़ ने लिखा ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया और गोली मार देने की धमकी दी। ट्रम्प ने ट्वीट किया कि जब लूटिंग शुरू होती है तो शूटिंग भी शुरू होती है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि 2020 के अमेरिका में ऐसी घटना सामान्य नहीं होनी चाहिए। वहीँ नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के प्रतिद्वंदी और डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने फ्लॉयड की हत्या को ‘खुला घाव’ करार दिया है।

वहीँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अश्वेत नागरिक की मौत के बाद भड़के प्रदर्शनकारियों को लेकर अजीबोगरीब ट्वीट कर एक बार फिर विवाद को जन्म दे दिया है। ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा कि नेशनल गार्ड को मिनियापोलिस में हालात को काबू में करने के लिए उतार दिया गया है जो डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर नहीं कर सके। इनका दो दिन पहले ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इतना ही नहीं ट्रंप ने आरोप लगाया है कि आंदोलन को Antifa (anti-fascists People) के लोगों ने हाइजैक कर लिया गया है और अब उन्होंने ऐसे लोगों को आतंकवादी घोषित करने का फैसला किया है।

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