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बिहार चुनाव में जिन्ना पर अटकी बीजेपी, तारिक अनवर ने दिलाई आडवाणी की याद

पटना ब्यूरो। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी को जाले विधानसभा सीट से टिकट दिया जाने से बीजेपी को एक बार फिर जिन्ना की याद आ गई है।

दरअसल कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज है। दरभंगा, बिहार के रहने वाले उस्मानी ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का विरोध किया था।

2019 में उस्मानी पर कथित रूप से राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के लिए राजद्रोह के आरोप के तहत मामला दर्ज किया गया था। कहा जा रहा है कि उस्मानी ने अपने एक भाषण में खुद को जिन्ना की विचारधारा का समर्थक बताया था।

एएमयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष उस्मानी को कांग्रेस द्वारा टिकिट दिए जाने से चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस के खिलाफ एक बार फिर नया मुद्दा मिल गया है। बीजेपी ने ट्वीट कर लिखा है, ‘जाले से जिन्ना प्रेमी को टिकट दिए हो, बिहार की जनता पूछ रही है ई का किए हो।’

वहीं उस्मानी के टिकट देने पर पार्टी के भीतर भी विरोध शुरू हो गया है। पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा के पोते ऋषि मिश्रा ने अपना टिकिट कटने पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बीजेपी द्वारा किये जा रहे हमले को लेकर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने बीजेपी पर पलटवार किया है और बीजेपी को लाल कृष्ण आडवाणी की पाकिस्तान यात्रा की याद दिलाई है।

तारिक अनवर ने ट्वीट कर कहा, “भाजपा और गोदी मीडिया,जाले विधान सभा’ के कांग्रेसी उमीदवार पर जिन्ना नवाज़ी का आरोप लगा रेहे हैं। शायद उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है। आडवाणी जी के उस‘ऐतिहासिक’भाषण को भूल गए,जब जिन्ना की मज़ार पर श्रद्धांजली देते हुए,जिन्ना को सब से बड़ा सेक्युलर नेता और महान देश भक्त बताया था?”

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा इस बार अपने उम्मीदवारों में बड़ा फेरबदल किया गया है। पार्टी ने कई सीटों पर नए चेहरे मैदान में उतारे हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमे शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा, वरिष्ठ नेता शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव, पत्रकार रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडे और अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी भी शामिल हैं।

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