देश बड़ी खबर

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट पहुंची शिवसेना

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम में अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। राज्यपाल की सिफारिश पर केबिनेट ने मुहर लगा दी है।

इस बीच शिवसेना ने सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शिवसेना ने कहा है कि राज्य में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल कोश्यारी ने अतरिक्त समय नहीं दिया। राज्यपाल का निर्णय असंवैधानिक, अनुचित और दुर्भावनापूर्ण है।

वहीँ महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़के, महासचिव के सी वेणुगोपाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल मुंबई पहुँच गए हैं। माना जा रहा है कि तीनो नेता एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ बैठक कर शिवसेना को समर्थन दिए जाने पर बातचीत करेंगे।

इससे पहले राज्यपाल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेताओं को कल देर रात फोन कर मुलाकात के लिए बुलाया था। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एनसीपी को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आज रात 8:30 बजे तक का समय दिया था।

आज सुबह से ही मुंबई में बैठकों का दौर चलता रहा। शिवसेना और एनसीपी नेताओं की मुलाकात के बाद आज ही संयुक्त साझा कार्यक्रम तैयार होना था और इसकी कॉपी कांग्रेस को भेजी जानी थी।

कल कांग्रेस ने कहा था कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम मिलने के बाद ही वह शिवसेना को समर्थन पर अंतिम फैसला देगी। शिवसेना को समर्थन के मुद्दे पर पार्टी हाईकमान ने महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली तालाब किया था।

कल महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं के साथ बातचीत के बाद तय हुआ कि शिवसेना कॉमन मिनीमम प्रोग्राम की प्रति पार्टी हाईकमान को भेजेगी। इसके बाद इस पर चर्चा की जायेगी।

इस सब से अलग आज राज्यपाल से राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करते हुए केंद्रीय केबिनेट को प्रस्ताव भेजा। जिस पर केबिनेट ने मुहर लगा दी। शिवसेना का आरोप है कि उसे सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समस्य नहीं दिया गया।

कल शिवसेना नेताओं से राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात के दौरान कहा था कि सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी को 48 घंटे का समय दिया जाए लेकिन राज्यपाल ने इसे अस्वीकार करते हुए देर रात ही एनसीपी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया था और सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने को आज रात साढ़े आठ बजे तक का समय निर्धारित किया था।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें