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कभी भी हो सकता है शिवराज सरकार का ‘हू ला ला’, मंत्री पद के लिए बागियों ने बनाया दबाव

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में केबिनेट का विस्तार कर पाने में असफल रहे मुख्यमंत्री शिवराज की मुसीबतें बढ़तीं जा रही हैं। 5 सदस्यीय केबिनेट में पार्टी के दिग्गजों की अनदेखी और कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थको का बढ़ता दबाव कभी भी बड़ा रूप धारण कर सकता है।

वहीँ बीजेपी सूत्रों की माने तो केबिनेट का विस्तार न होने के कारण पूर्व की शिवराज सरकार में मंत्री रहे बीजेपी के कई कद्दावर चेहरे नाराज़ हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थक भी केबिनेट में जगह पाने की आस लगाए बैठे हैं।

सिंधिया समर्थको ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को केंद्र में मंत्री बनाने की मांग को हवा देकर बीजेपी के अंदर ही मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सूत्रों ने कहा कि अभी हाल ही में कमलनाथ सरकार में मंत्री रहीं इमरती देवी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर इस आशय की जानकारी उन्हें दी थी।

सूत्रों ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना संदेश लेकर इमरती देवी को शिवराज के पास भेजा था। इमरती देवी ने शिवराज सिंह से ज्योतिरादित्य को तत्काल केंद्र में मंत्री बनाये जाने और कांग्रेस से इस्तीफा देकर आये पूर्व विधायकों में से कम से कम 5 अन्य लोगों को शिवराज केबिनेट में जगह दिए जाने की मांग रखी।

वहीँ कांग्रेस से इस्तीफा देकर आये 14 पूर्व विधायकों को इस बात का डर सता रहा है कि उपचुनाव में बीजेपी उनका टिकिट काट सकती है और पिछले विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी नेताओं को ही टिकिट थमा सकती है।

दूसरी तरफ तमाम कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी केबिनेट का विस्तार करने में असफल रहे हैं। जिसके चलते भूपेंद्र सिंह चौहान जैसे कद्दावर नेता नाराज़ बताये जाते हैं।

कांग्रेस ने उपचुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। चंबल ग्वालियर के इलाको में 16 सीटों पर कांग्रेस की नज़र है। इन सीटों पर कांग्रेस का दबदबा रहा है और पार्टी इन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। वहीँ सूत्रों की माने तो बीजेपी के कई विधायक अभी से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सम्पर्क में हैं।

अभी हाल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ऐसे संकेत दिए थे। कमलनाथ ने दावा किया था कि उपचुनाव के बाद बीजेपी सत्ता से बाहर हो जायेगी।

बीजेपी सूत्रों की माने तो पार्टी के अंदर मंत्री पद को लेकर मामला गंभीर हो चूका है। कांग्रेस छोड़कर आये पूर्व विधायकों को मंत्री बनाये जाने पर बीजेपी के विधायक बागी हो सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि बीजेपी के कम से कम एक दर्जन या उससे अधिक विधायक कांग्रेस के सम्पर्क में हैं। इनमे से कुछ विधायकों ने गुपचुप तरीके से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से मुलाकात भी की है।

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