उत्तर प्रदेश राज्य

पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह सहित कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल

लखनऊ ब्यूरो। 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी समाजवादी पार्टी को आज बड़ी सफलता हाथ लगी है। अलीगढ़ से कांग्रेस के पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह सहित कई नेताओं और सामाजिक संस्थाओं के संयोजको ने आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में आज चौधरी बिजेंद्र सिंह पूर्व सांसद अलीगढ़ (कांग्रेस), रामदुलारे भार्गव (बसपा), चौधरी लियाकत अली साहब पूर्व कैबिनेट मंत्री सहारनपुर और अब्दुल राशिद खां (बसपा) समेत अन्य नेता सपा में शामिल हुए।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में उन्नाव से पूर्व कांग्रेस सांसद अनु टंडन भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी 2022 के चुनावो की तैयारी के तहत अभी से पार्टी को चुस्त दरुस्त करने में जुटी हैं।

इस अवसर एक प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किसानो का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसान के ऊपर इतना अन्याय, ऐसी लाठी, इस तरीके से आतंकी हमला किसी सरकार के माध्यम से नहीं हुआ होगा जितना BJP की सरकार में हो रहा है। ये वही भाजपा है जिसने कभी किसानों को भरोसा दिलाया था कि सत्ता में आने पर वो सिर्फ कर्ज़ा माफ ही नहीं बल्कि किसानों की आय दोगुनी भी करेगी।

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अखिलेश यादव ने कहा कि मैं सभी नेताओं का इस उम्मीद और भरोसे के साथ धन्यवाद करता हूं कि आने वाले समय में जो संघर्ष और लड़ाई है उसमें सपा का साथ देंगे। भरोसा है कि जब आप लोग साथ हो जाएंगे तो सपा एक बहुत बड़ी ताक़त बन जाएगी और जो आज सत्ता में लोग हैं उन्हें हटाने में कामयाब होगी।

वहीँ दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी छोड़कर अलग प्रोग्रसिव समाजवादी पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव को भी पार्टी में वापस लाये जाने की कवायद तेजी से चल रही है। अभी हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखलेश यादव की तरफ से चाचा शिवपाल सिंह यादव के लिए दिखाई गई नरमी के बाद शिवपल के तेवरों में भी नरमी के संकेत मिले हैं।

हालांकि सार्वजनिक तौर पर शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी में वापसी से इंकार करते रहे हैं और वे अभी भी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने की बात कह रहे हैं। लेकिन राजनीति में कोई किसी का स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता। इसलिए संभावना है कि 2022 के विधानसभा चुनाव आते आते शिवपाल अपनी पार्टी का समाजवादी पार्टी मे विलय कर सकते हैं।

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