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नीतीश के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे तेजस्वी, राजद ने किया बायकॉट का एलान

पटना ब्यूरो। बिहार में आज नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित बीजेपी के कई कद्दावर नेता मौजूद रहेंगे वहीँ राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे।

शपथ ग्रहण से पहले राजद ने ट्वीट कर कहा, राजद शपथ ग्रहण का बायकॉट करती है। बदलाव का जनादेश एनडीए के विरुद्ध है। जनादेश को ‘शासनादेश’ से बदल दिया गया। बिहार के बेरोजगारों, किसानो, संविदाकर्मियों, नियोजित शिक्षकों से पूछे कि उनपर क्या गुजर रही है। एनडीए के फर्ज़ीवाड़े से जनता आक्रोशित है। हम जनप्रतिनिधि है और जनता के साथ खड़े है।

राजद नेता ने राहुल को बताया ज़िम्मेदार:

वहीँ इससे पहले कल राष्ट्रीय जनता दल के नेता शिवानंद तिवारी ने बिहार में महागठबंधन की सरकार न बनने के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस तरह चुनाव लड़ रही है उससे बीजेपी को फायदा मिल रहा है।

शिवानंद तिवारी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बिहार में चुनाव हो रहे थे तब राहुल गांधी शिमला में प्रियंका गांधी के घर पिकनिक मना रहे थे। उन्होंने पूछा कि क्या पार्टी ऐसे चलती है? शिवानंद तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिस तरह से चुनाव लड़ रही है, उससे बीजेपी को ही फायदा पहुंचा रही है।

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राष्ट्रीय जनता दल सांसद मनोज झा ने कहा, “नीतीश कुमार जी आज 7वीं बार शपथ लेंगे। लेकिन बिहार ने नीतीश जी को बिल्कुल खारिज कर दिया है उन्हें सिर्फ 40 सीट मिला है। इसके बावजूद उनका ज़मीर कैसे गवारा कर रहा कि वो फिर से शपथ ले रहे हैं। वो आज शपथ ले रहे हैं लेकिन कल से सवाल उठेंगे नौकरी, समान काम समान वेतन।

उप मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस:

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से पहले उप मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। उप मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बीजेपी और जदयू ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि यह तय माना जा रहा है कि सुशील कुमार मोदी को फिर से उपमुख्यमंत्री नहीं बनाया जा रहा है।

वहीँ मंत्रिमंडल को लेकर कहा जा रहा है कि इस बार नीतीश मंत्रिमंडल में जेडीयू के मंत्रियों की संख्या घटकर एक दर्जन से कम हो सकती है जबकि बीजेपी के खाते में 18 से 20 मंत्री पद जा सकते हैं। ऐसे इसलिए होगा क्यों कि जेडीयू की सीटें बीजेपी से कम हैं।

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