मध्यप्रदेश राज्य

पांढुर्ना: 50 हजार की रिश्वत लेते रेंजर रंगे हाथो गिरफ्तार

पांढुर्ना। शहर के वन विभाग के रेस्टहाउस के बंद कमरे में लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर वन विभाग के रेंजर दिलीप सिंह भलावी को 50हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा।

ग्राम राजना निवासी बढ़ई का काम काने वाले दत्तू ओझेकर ने बताया कि उसकी राजन में फर्नीचर की दुकान है। रेंजर ने मुझे 1लाख रुपये की मांग की और नहीं देने पर दुकान का पंजीयन निरस्त करने कारवाही करने की धमकी की दी थी। पीड़ित व्यक्ति ने कहा कि मेंने पहले 20 हजार रुपए दिए और इसकी जानकारी लोकायुक्त को दी। जिसके बाद गुरुवार को मुझे रेंजर को 50 हजार रुपए देने थे।

गुरुवार को लोकायुक्त ने अपनी कार्रवाही करते हुए रेंजर को रंगे हाथो 50 हज़ार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस सबंध में लोकायुक्त के डीएसपी
दिलीप झरबड़े ने बताया राजन निवासी दत्तू ओझेकर ने शिकायत की थी। जिसके आधार पर पांढुर्ना पहुचकर रेजर दिलीप सिंह भलावी को 50 हजार लेते हुए पकड़ा गया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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लोकायुक्त के डीएसपी दो टीआई आरक्षक टीम में डीएसपी दिलीप झरबड़े और टी आई घनश्याम मर्सकोले, आरक्षक ऑस्कर किंडो, अतुल श्रीवास्तव, विजय विजय जुबेर खान शामिल थे।

रेंजर मांगता था नये फर्नीचर:

राजन निवासी बढ़ई का काम करने वाले दत्तू ओझेकर ने बताया कि वे पिछले 6 वर्षो से ग्राम राजना में अपनी फॉर्निचर की दुकान चला रहे हैं। रेंजर साहब की कारगुजारी से परेशान था। इस बीच दुकान का पंजीयन निरस्त करने जैसे विषय पर आहत था। मैं रेंजर को 20 हजार दे चुका था। रेंजर साहब की कार्यप्रणाली से बहुत परेशान होने के उपरांत लोकायुक्त जबलपुर के अधिकारियों को जानकारी दी और लोकायुक्त के अधिकारियों के निर्देशन पर रेंजर साहब को 50 हजार की रिश्वत दी जिसके बाद अधिकारियों ने विधिवत कार्यवाही की है।

भ्रष्टाचार की शिकायत का तीसरा बड़ा मामला:

विगत वर्षों में तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भी लोकायुक्त की टीम के हत्थे चढ़ चुके हैं। यह तीसरा बड़ा मामला शहर के वन विभाग के रेजर कार्यालय की दिनभर चली लोकायुक्त की कार्रवाई के चलते प्रशासनिक महकमे में बड़ी चर्चा का माहौल रहा।

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