अपराध बड़ी खबर

अर्नब की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस ने दायर की 1914 पेज की चार्जशीट

मुंबई। रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक इंटीरियर डिजाइनर फर्म कॉनकॉर्ड डिजाइन के मालिक अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक को सुसाइड के लिए उकसाने के मामले में रायगढ़ पुलिस ने 1914 पेज की चार्जशीट दाखिल की है।

पुलिस की चार्जशीट में अर्नब गोस्वामी के अलावा दो और लोग फिरोज शेख और नीतीश सारदा का नाम शामिल था। अन्वय ने सुसाइड लेटर में लिखा था कि उसने तीन लोगों के लिए काम किया और इन लोगों ने उसके 5.40 करोड़ रुपये का बकाया नहीं लौटाया।

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में आईपीसी की धारा 306 ( सुसाइड के लिए भड़काना) के तहत आरोप लगाए हैं। इसके अलावा धारा 109 (अपराध के लिए उकसाना) भी जोडी गई है लेकिन धारा 34 हटाना अहम है क्योंकि इस मामले में पहले जांच कर रहे अधिकारी ने 2019 में मामला बंद करने की बात कही थी।

इतना ही नहीं चार्जशीट में सुसाइड के पीछे तीनों आरोपियों के साथ जुड़े होने की बात को हटा दिया गया है। पुलिस ने 50 गवाहों के बयान शामिल किए हैं। इसमें मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान भी शामिल है।

ये भी पढ़ें:  एलजी किरण बेदी को हटाने की मांग को लेकर सीएम नारायणसामी का धरना जारी

गौरतलब है कि इस मामले में आरोपियों में से एक अर्नब गोस्वामी को अलीबाग पुलिस द्वारा पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। चार नवंबर को हुई अपनी गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए गोस्वामी ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि मामले की जांच सीबीआई या किसी दूसरी स्वतंत्र एजेंसी को स्थानांतरित की जाए।

क्या है पूरा मामला:

वर्ष 2018 में मुंबई स्थित इंटीरियर कंपनी कॉनकॉर्ड डिजायन ने आरोप लगाया कि रिपब्लिक टीवी तथा अन्य दो कंपनियों ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। इनमे रिपब्लिक टीवी पर करीब 83 लाख रुपये का बकाया बताया गया। वहीँ रिपब्लिक टीवी की तरफ से कहा गया कि वह बकाया 83 लाख रुपये का भुगतान कर चूका है।

यह मामला पुलिस तक भी पहुंचा लेकिन पुलिस ने इस मामले की जांच में रिपब्लिक टीवी से 83 लाख रुपये के भुगतान के सबूत नहीं मांगे। कॉनकॉर्ड कंपनी के प्रबंध निदेशक अन्वय की बेटी अदन्या के मुताबिक पुलिस के समक्ष तमाम सबूत रखे जाने के बावजूद भी अर्नब गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके पिता को 83 लाख रुपये नहीं चुकाने की जांच नहीं की थी।

इस मामले में आत्म हत्या किये जाने के बाद रायगढ़ पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था लेकिन पुलिस ने कोर्ट को पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि तीनो आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे।

ये भी पढ़ें:  बदायूं कांड: मुख्य आरोपी पुजारी गिरफ्तार, पुलिस ने रखा था 50 हज़ार का इनाम

इस वर्ष मई में अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक ने इस मामले की दोबारा जांच की मांग महाराष्ट्र सरकार से की थी। मृतक अन्वय मुंबई स्थित आर्किटेक्चरल और इंटीरियर डिजाइनिंग कंपनी कॉनकॉर्ड डिजाइन के प्रबंध निदेशक थे, जबकि उनकी मां कंपनी की बोर्ड निदेशक थीं।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें