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कई राज्यों में वैक्सीन की किल्ल्त, फिर भी विदेश भेज रही सरकार, राहुल ने उठाये सवाल

नई दिल्ली। देश में प्रतिदिन बढ़ते कोरोना मामलो के बीच कई राज्यों ने वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति न मिलने की बात कही है। इस बीच पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सवाल उठाये हैं।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कई सुझाव भी दिए हैं, साथ ही देश में वैक्सीन की किल्लत और सरकार द्वारा दूसरे देशो को वैक्सीन भेजे जाने को लेकर सवाल भी दागे हैं।

राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि ये बात समझ नहीं आ रही है कि जब खुद के देश के लोग वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं तो हम दूसरे देशों को वैक्सीन क्यों दे रहे हैं। 6 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज बाहर एक्सपोर्ट किए गए हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि क्या दूसरे देशो को वैक्सीन भेजने का ये फैसला भी सरकार के बाकी फैसलों की तरह ओवरसाइट फैसला है या अपने देशवासियों की जान को खतरे में डालकर पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश है?

राहुल गांधी ने केंद्र को दिए गए अहम सुझावों में कहा कि वैक्सीन की कमी को खत्म करने के लिए वैक्सीन सप्लायर्स को जरूरी संसाधन देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों को वैक्सीन एक्सपोर्ट करने पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि वैक्सीनेशन का फास्ट ट्रैक अप्रूवल होना चाहिए तथा वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को सभी के लिए उपलब्ध कराये जाने की भी जरूरत है।

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इससे पहले कल ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वैक्सीन की किल्ल्त को लेकर सवाल खड़े किये थे। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में हर हफ्ते 40 लाख वैक्सीन की खपत है, लेकिन उनके पास लोगों को टीका लगाने के लिए वैक्सीन नहीं है। लिहाजा लोगों को केंद्रों से वापस भेजा जा रहा है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त स्पालई न मिलने के कारण कई टीका केन्द्रो को बंद किया गया है।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने केंद्र सरकार पर गैर बीजेपी शासित राज्यों के साथ सौतेले व्यव्हार का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीन को लेकर जारी किए गए नए आदेश के अनुसार महाराष्ट्र को केवल 7.5 लाख वैक्सीन दी गई हैं। जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा आदि को महाराष्ट्र की तुलना में कहीं अधिक वैक्सीन दी गई हैं।

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