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एनपीआर-एनआरसी देश के लोगों पर नोटबंदी जैसा: राहुल

रायपुर। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सीटिजन (एनआरसी) देश के लोगों पर नोटबंदी लागू करने जैसा है।

मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चाहे एनआरसी हो या एनपीआर हो, यह हिंदुस्तान के गरीब लोगों पर एक टैक्स है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब गरीबों को कागज बनवाने के नाम पर रिश्वत देनी पडेगी। उन्होंने इसे गरीबों पर हमला करार दिया।

इससे पहले राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का उद्धघाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि ‘जब तक इस देश के सभी लोगों को जोड़ा नहीं जाएगा और सभी की आवाज विधानसभा में, लोकसभा में सुनाई नहीं देगी, तब तक न तो बेरोजगारी के बारे में कुछ किया जा सकता है और न ही अर्थव्यवस्था के बारे में।’

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘विविधता में एकता हमारी ताकत है और सभी को जोड़ने से ही देश की ताकत बढ़ेगी। भाई को भाई से लड़ाने से देश का विकास नहीं हो सकता है।’

राहुल गांधी ने कहा कि ‘आज पूरी दुनिया में कहा जा रहा है कि हिंदुस्तान में हिंसा हो रही है। महिलाओं को यहां सड़कों पर नहीं चलने दिया जा रहा है और बेरोजगारी 45 साल में सबसे ज्यादा है लेकिन प्रधानमंत्री कुछ कर नहीं पा रहे हैं।’

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ‘जब तक आप इस देश को जोड़ेंगे नहीं, जब तक देश के लोगों की आवाज विधानसभाओं और लोकसभा में सुनाई नहीं देगी, तब तक नाहीं रोजगार और नहीं अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ किया जा सकेगा। क्योंकि अर्थव्यवस्था को किसान, मजदूर, गरीब, आदिवासी ही चलाते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इस अर्थव्यवस्था को किसान, मजदूर, गरीब, आदिवासी चलाते हैं। अगर पूरा पैसा 10-15 लोगों के हवाले कर दिया जाएगा, नोटबंदी की जाएगी, गलत जीएसटी लागू होगा तो देश में रोजगार पैदा हो ही नहीं सकता, अर्थव्यवस्था चल ही नहीं सकती।’

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