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पूंजीपति मित्रो को फायदा पहुंचाने के लिए किसानो की अनदेखी कर रहे पीएम मोदी: प्रियंका गांधी

मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी ने आज मुज़फ्फरनगर में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए नए कृषि कानूनों और किसानो के मुद्दे पर मोदी सरकार पर कड़े प्रहार किये। प्रियंका गांधी ने कहा कि यहां आना मेरा धर्म है, मेरा कर्तव्य है; मैं किसी पर एहसान नहीं कर रही हूं। इस बात का एहसास हर नेता को होना चाहिए कि उस पर सबसे बड़ा एहसान जनता करती है।

प्रियंका गांधी ने किसान आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक ऐसा समय आया है कि 90 दिनों से लाखों किसान इस देश की राजधानी दिल्ली के बाहर संघर्ष कर रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं। 215 किसान शहीद हुए, बिजली काटी गई, पानी रोका गया, उन्हें मारा गया, पीटा गया। वे शांति से बैठे थे, देश की राजधानी की सीमा को इस तरह बनाया गया जैसे देश की सीमा थी।

उन्होंने सरकार की बेरुखी पर सवाल दागते हुए कहा कि पुलिस की फोर्स लगाई गई, किसानों को प्रताड़ित किया गया; जो किसान अपने बेटे को देश की सीमा पर देश की रखवाली करने के लिए भेजता है; उस किसान को अपमानित किया गया, उसे जलील किया, उसे देशद्रोही कहा, आतंकवादी कहा गया।

प्रियंका ने कहा कि हमारे देश का ह्रदय, उसका दिल किसान है; जो जमीन से जुड़ा है, जमीन को सींचता है, उसे उपजाऊ बनाता है। इस देश का अन्नदाता है; जो इस देश को जीवित रखता है।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का नाम लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि आज जब चौधरी टिकैत जी की आंखों में आंसू आते हैं, तो हमारे प्रधानमंत्री जी के होठों पर मुस्कुराहट आती है; उन्हें मजाक सूझता है। प्रधानमंत्री जी ने पूरी संसद के सामने उसका मजाक उड़ाया, उसे परजीवी कहा, आंदोलनजीवी कहा।

उन्होंने कहा कि आज किसानों के घरों से लूट हो रही है और प्रधानमंत्री के दो पूंजीपति मित्रों को पूरी छूट दी गई है। प्रधानमंत्री ने बार-बार हर चुनाव में आकर आपसे वादा किया था कि गन्ने का भुगतान आपको किया जायेगा। क्या – भुगतान हुआ? पीएम मोदी ने कहा था कि आपकी आमदनी दोगुनी होगी। – क्या आमदनी दोगुनी हुई?

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प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर अपने हमले जारी रखते हुए कहा कि पूरे देश भर में गन्ने का बकाया भुगतान 15000 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने दुनिया में अपने भ्रमण करने के लिए 2 हवाई जहाज खरीदे हैं, उन हवाई जहाजों की कीमत 16000 करोड़ रुपये है। आपके गन्ने के भुगतान से ज्यादा। उनके पास अपने 2 हवाई जहाजों को खरीदने के लिए पैसे हैं। लेकिन देश भर के किसानों के भुगतान के लिए पैसे नहीं हैं। आज देश की यह स्थिति है।

गन्ने के बकाये का भुगतान नहीं किया, 16 हज़ार करोड़ के दो हवाई जहाज खरीद लिए:

उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में गन्ने का दाम नहीं बढ़ा। 16000 करोड़ के 2 हवाई जहाज खरीदे गये और संसद भवन के सौंदर्यीकरण के लिए 20 हजार करोड़ की योजना बन रही है। लेकिन आपके भुगतान के लिए पैसे नहीं हैं।

डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी को लेकर प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि डीजल आपको पहले 60 रुपये में मिलता था। लेकिन आज कहीं 80 तो कहीं 90; डीएपी 1100 में मिलता था, आज 1200 का है; बिजली के बिल बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन आपके गन्ने के दाम आपको नहीं मिल रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ा कर 21.50 लाख करोड़ रुपये कमाये; यह पैसा कहाँ गया?

प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार ने डीजल पर टैक्स लगाया, उससे साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये कमाये। ये रूपये कहाँ गये? मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ा कर 21.50 लाख करोड़ रुपये कमाये; यह पैसा कहाँ गया?

उन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर कहा कि दिल्ली का बॉर्डर प्रधानमंत्री के घर से 5-6 किमी दूर होगा। वही प्रधानमंत्री जो अमेरिका जा सकते थे, पाकिस्तान जा सकते थे, चीन जा सकते थे; जिन्होंने पूरी दुनिया में भ्रमण किया। वो लाखों किसानों के पास जाकर उनके आंसू नहीं पोंछ पाये।

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खरबपति मित्रो की खातिर किसानो को प्रताड़ित किया जा रहा:

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की राजनीति अपने लिए और अपने खरबपति मित्रों के लिए है। जब किसान प्रताड़ित हो रहा है, उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है; ऐसे समय में इन्हीं मित्रों ने कितना पैसा कमाया, तो आप चौंक जाओगे।

प्रियंका गांधी ने नए कृषि कानूनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहला कानून- प्राइवेट मंडियां लगेंगी और सरकारी मंडियों में जो टैक्स लिया जाता है, वो प्राइवेट मंडियों में नहीं लिया जायेगा। इसका मतलब ये है कि आहिस्ते-आहिस्ते सरकारी मंडियां खत्म हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि सरकारी मंडियों में आपको न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है। प्राइवेट मंडियों के खुलने और उनको मजबूत बनाने से बड़े-बड़े खरबपतियों की मनमानी होगी, जो दाम वो चाहेंगे वही देंगे, जब खरीदना चाहेंगे तभी खरीदेंगे।

उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर किसानो को आगाह करते हुए कहा कि दूसरे कानून में कांट्रेक्ट फार्मिंग के बारे में लिखा गया है। आपकी सुनवाई नहीं है; आप अदालत में नहीं जा सकते, आप अपने हक के लिए लड़ नहीं सकते। इन नये कानूनों के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होगा, सरकारी मंडियां खत्म होंगी, आपके हक खत्म होंगे।

जिस तरह पूरा देश बेच दिया ऐसे ही किसानो की खेती और कमाई अरबपति मित्रो को बेचना चाह रहे:

प्रियंका ने कहा कि जिस तरह इस सरकार ने पूरे देश को बेचा है, उसी प्रकार से आपकी खेती को, आपकी कमाई को ये अपने खरबपति मित्रों को बेचना चाह रहे हैं। जो जवान इस देश की सीमा को सुरक्षित रखता है, वो जवान किसान का बेटा है। उस जवान का आदर करना चाहिए, किसान का आदर करना चाहिए।

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