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बीजेपी के लिए खतरा: बदल रही सोच, बढ़ रही पीएम मोदी के विरोधियों की तादाद

नई दिल्ली। क्या महज 6 साल के शासन में ही बीजेपी और पीएम मोदी का जादू ढलना शुरू हो गया है ? यह एक ऐसा सवाल है जिस पर शायद अब बीजेपी को भी चिंतन मनन करने की ज़रूरत पड़ेगी।

पिछले कुछ दिनों में देखने में आया है कि मोदी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अधिकांश पोल मोदी सरकार और बीजेपी के खिलाफ गए हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर कई मीडिया चैनलों और अखबारों द्वारा कराये गए ऑनलाइन पोल में मोदी विरोध साफ़ नज़र आया।

यहाँ तक कि दैनिक जागरण, रिपब्लिक टीवी और एबीपी न्यूज़ के पोल में भी सरकार के पक्ष में कम और विरोध में ज़्यादा वोट पड़े और लगभग सभी पोल सरकार के खिलाफ गए।

अब ताजा मामले में लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिको से हिंसक झड़पों में 20 भारतीय सैनिको के शहीद होने के बाद देश में मोदी सरकार की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर शुरू हुई बहस के बीच कई मीडिया संस्थानों ने ट्वीटर पर पोल कराये।

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आंकड़े बताते हैं कि लगभग सभी पोल मोदी सरकार के खिलाफ गए हैं। यहाँ तक कि राहुल गांधी द्वारा किये गए सरेंडर मोदी को लेकर कराया गया पोल भी मुंह के बल गिर गया।

इंडिया टीवी के एंकर सुशांत सिन्हा ने अपने पोल में सवाल किया कि ‘आपके लिए नरेंद्र मोदी क्या हैं?’ उनके इस पोल पर 58.8 प्रतिशत लोगों ने ‘सरेंडर मोदी’ को चुना तो वहीं 42 प्रतिशत लोगों ने ‘धुरंधर मोदी’ को चुना। इस पोल में 293,939 लोगों ने अपनी राय व्यक्त की।

वहीँ वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने अपने ट्विटर हैंडलर से एक पोल कराया। इस पोल में सवाल किया गया था कि ‘क्या हमें पीएम मोदी के बयान पर पूरी तरह भरोसा करना चाहिए?’ इसके जबाव में 39 प्रतिशत लोगों ने ‘हां’ में जबाव दिया वहीँ ’58’ प्रतिशत लोगों ने ना में जबाव दिया। जबकि 4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें नहीं पता।

वहीँ एबीपी न्यूज़ चैनल द्वारा कराये गए पोल में सवाल किया गया कि क्या राहुल गांधी और विपक्ष के रवैये को आप ठीक मानते हैं? इसके जबाव में 53.4 फीसदी लोगों ने कहा ‘हां’, वहीँ 46.6 फीसदी लोगों ने कहा ‘ना’, इस पोल में कुल 77,011 लोगों ने अपनी राय दी।

पोल कराये जाने की श्रंखला में दैनिक जांगरण ने भी एक पोल कराया। इस पोल में सवाल किया गया कि ‘क्या चीन के साथ तनाव के मसले पर राहुल गांधी की बयानबाजी उचित है?’ इस पर 69.3% लोगों ने ‘हां’ में जबाव दिया वहीँ 28.9% लोगों ने ‘ना’ कहा, जबकि 1.8% लोगों ने कहा कि उन्हें पता नहीं है।

वहीँ जानकारों की माने तो मोदी सरकार से जुड़े मुद्दों पर पोल सरकार के खिलाफ जाने का मतलब साफ़ है कि लोगों का सरकार के कामकाज पर भरोसा उठ रहा है। जिन मीडिया चैनलों पर सरकार के पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ा फासला रहता था, आज उन्ही प्लेफॉर्म पर लोगों की राय सरकार के खिलाफ आ रही है।

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