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अयोध्या विवाद: कोर्ट के फैसले पर भावनाएं नहीं, सम्मान व्यक्त करे हर नागरिक – जुनेद क़ाज़ी

न्यूयॉर्क। अयोध्या विवाद पर सुप्रीमकोर्ट जल्द अपना फैसला सुना सकता है। देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देश की जनता से कोर्ट का फैसला ससम्मान स्वीकार करने की अपील की है।

वहीँ अब यूथ कॉलिशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन जुनेद क़ाज़ी ने न्यूयॉर्क में कहा कि देश का हर व्यक्ति जिसकी भारत के संविधान में आस्था है वह सुप्रीमकोर्ट के फैसले का स्वागत करेगा।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट का फैसला किसी के भी पक्ष में आये, हमे इस फैसले को खुले दिल से स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद फैसले को लेकर भावनात्मक टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए बल्कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए इसे स्वीकार किया जाए।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले को मंदिर मस्जिद की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि इसे देश की सर्वोच्चा अदालत से मिले न्याय के तौर पर स्वीकार करें।

उन्होंने कहा कि देश के सभी राजनैतिक दलों को अपने नेताओं के लिए गाइड लाइन जारी करनी चाहिए कि वे अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर किसी तरह की धार्मिक या भावनाओं को भड़काने वाली टिप्पणी न करें।

गौरतलब है कि अयोध्या मामले में 40 दिन की सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीमकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। माना जा रहा है कि अयोध्या में विवादित भूमि के मालिकाना हक को लेकर कोर्ट 17 नवंबर से पहले अपना फैसला सुना सकता है। इसी दिन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर भी हो रहे हैं।

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