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अनुराग कश्यप पर लगाया गया 6 साल पहले का आरोप

नई दिल्ली। फिल्म निदेशक अनुराग कश्यप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में सुशांत सिंह राजपूत मामले में मीडिया रिपोर्टिंग, कंगना रनौत के बयान और बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन को लेकर अपनी बात बेबाकी से रखी थी। लेकिन अनुराग कश्यप को उनकी टिप्पणी भारी पड़ती दिख रही है।

अनुराग कश्यप के इंटरव्यू के कुछ दिनों बाद ही पायल घोष नामक एक अभिनेत्री ने अनुराग कश्यप पर यौन शोषण के आरोप जड़ दिए हैं। पायल घोष का कहना है कि अनुराग कश्यप ने वर्ष 2014-2015 के बीच बेहद बुरी तरीके से खुद को मुझ पर फोर्स किया।

इतना ही नहीं पायल घोषण ने ट्वीट कर इस मामले में अनुराग कश्यप की गिरफ्तारी की मांग भी कर डाली। वहीँ इस बीच कंगना रनौत ने भी सामने आने में देर नहीं लगाई और उसने पायल घोष मामले में अनुराग कश्यप की गिरफ्तारी की मांग कर दी है। कंगना ने पायल घोष के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा “हर आवाज़ मायने रखती है।”

लोगों ने पूछा ये सवाल:

अभिनेत्री पायल घोष ने यौन शोषण को लेकर जिस मामले का खुलासा किया है, उसे 2014-2015 का बताया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग अलग प्रक्रियाएं दी हैं। अधिकतर लोगों ने पायल घोष से दो सवाल किये हैं।

पहला यह कि यदि अनुराग कश्यप ने 2014-2015 में उनका यौन शोषण किया था तो वे 5-6 वर्षो तक इसे दबाये क्यों बैठी रहीं ? दूसरा सवाल पायल घोष के आरोप की टाइमिंग को लेकर है। पायल घोष ने अपनी आपबीती का खुलासा अनुराग कश्यप के साक्षात्कार के बाद ही क्यों किया ?

अनुराग कश्यप ने दी प्रतिक्रिया:

अनुराग कश्यप ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि “क्या बात है , इतना समय ले लिया मुझे चुप करवाने की कोशिश में । चलो कोई नहीं ।मुझे चुप कराते कराते इतना झूठ बोल गए की औरत होते हुए दूसरी औरतों को भी संग घसीट लिया। थोड़ी तो मर्यादा रखिए मैडम। बस यही कहूँगा की जो भी आरोप हैं आपके सब बेबुनियाद हैं।

अनुराग कश्यप ने कहा कि “बाक़ी मुझपे आरोप लगाते लगाते, मेरे कलाकारों और बच्चन परिवार को संग में घसीटना तो मतलब नहले पे चौका भी नहीं मार पाए।मैडम दो शादियाँ की हैं,अगर वो जुर्म है तो मंज़ूर है और बहुत प्रेम किया है , वो भी क़बूलता हूँ । चाहे मेरी पहली पत्नी हों, या दूसरी पत्नी हों या कोई भी प्रेमिका या वो बहुत सारी अभिनेत्रियाँ जिनके साथ मैंने काम किया है , या वो पूरी लड़कियों और औरतों की टीम जो हमेशा मेरे साथ काम करती आयीं हैं , या वो सारी औरतें जिनसे मैं मिला बस , अकेले में या जनता के बीच मैं इस तरह का व्यवहार ना तो कभी करता हूँ ना तो कभी किसी क़ीमत पे बर्दाश्त करता हूँ । बाक़ी जो भी होता है देखते हैं । आपके विडीओ में ही दिख जाता है कितना सच है कितना नहीं , बाक़ी आपको बस दुआ और प्यार ।आपकी अंग्रेज़ी का जवाब हिंदी में देने के लिए माफ़ी ।”

फिलहाल इतना तय है कि सुशांत सिंह राजपूत मामला ठंडा पड़ने के बाद कुछ मीडिया चैनल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए इस मामले को नामक मिर्च लगाकर बेचने की कोशिश अवश्य करेंगे।

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