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एनपीआर/जनगणना अनिश्चित काल के लिए स्थगित

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को और अधिक फैलने से रोकने के लिए सरकार की तरफ से किये गए टोटल लॉक डाउन के एलान के कारण अप्रेल में शुरू होने वाले 2021 की जनगणना के पहले चरण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने का काम फिलहाल स्थगित कर दिया है।

गौरतलब है कि पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक जनगणना का काम दो चरणों में पूरा किया जाना था। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2020 तक और दूसरा चरण 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक होना था। पहले चरण के साथ ही असम को छोड़ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट किया जाना था।

देश के कई राज्यों द्वारा एनपीआर के विरोध के बावजूद एनपीआर को लेकर गृह मंत्रालय ने कहा था कि जनगणना और एनपीआर अपडेशन की तैयारियां जोरों पर है और 1 अप्रैल से यह काम शुरू हो जाएंगे।

सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी लम्बे समय तक जारी रहे। इतना ही नहीं कई राज्यों की विधानसभाओं में एनपीआर के नए प्रारूप को लेकर विरोध प्रस्ताव भी पारित किये गए। इन राज्यों में केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना के साथ एनडीए शासित बिहार भी शामिल है।

एनपीआर के नए प्रारूप पर ये है विवाद:

एनपीआर के नए प्रारूप में नए प्रश्नो के जोड़े जाने को लेकर विरोध शुरू हुआ था। इन प्रश्नो में माता-पिता की जन्म तारीख और जन्म स्थान के बारे में पूछा गया सवाल शामिल है। वहीँ कई राज्यों ने नए प्रारूप पर एनपीआर कराये जाने पर विरोध जताते हुए एनपीआर के पुराने प्रारूप पर जनगणना कराने की बात कही है।

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