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नीरज चोपड़ा ने दिलाया भारत को पहला गोल्ड मेडल

नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने भाला (जैवलिन)फेंक में स्वर्ण पदक जीता है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत का यह पहला गोल्ड और कुल सातवां पदक है। इससे पहले रेसलर बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक का मैच जीत लिया।

नीरज चोपड़ा ने अपने पहले थ्रो में 87.03 मीटर दूर भाला फेंका, जबकि पहले राउंड की दूसरी कोशिश में नीरज के भाले ने 87.58 मी. की दूरी मापी। तीसरे प्रयास में नीरजृ ने 76.79 मी. दूर भाला फेंका। पहले राउंड में 12 खिलाड़ियों से 8 ने अगले दूसरे और फाइनल राउंड में जगह बनायी थी।

नीरज ने चौथी और पांचवीं कोशिश में फाउल होने के बाद अपनी आखिरी यानि छठी कोशिश में 84.24 मी. दूरी पर भाल फेंका, लेकिन उनके स्वर्ण पदक का आधार बनी दूसरी कोशिश में 87.58 मीटर की दूरी मापी गयी। स दूरी को न पाकिस्तानी अरशद नदीम ही भेद सके और न ही अन्य कोई दूसरा एथलीट।

भारत ने इसमें 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज समेत कुल 7 मेडल जीते हैं। 2012 लंदन ओलिंपिक में 6 मेडल जीते थे। नीरज के गोल्ड के अलावा मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर, पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में ब्रॉन्ज और लवलिना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इसके अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज और कुश्ती में रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं बजरंग ने शनिवार को ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

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गोल्ड मेडल जीतने के बाद क्या बोले नीरज चोपड़ा:

भाला फेंक में गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि ये तो था ही कि मेडल लेकर आना है लेकिन जिस समय फील्ड में होता हूं दिमाग में इधर-उधर की बातें नहीं आतीं। मैं पूरा फोकस इवेंट पर ही करता हूं। रनवे पर खड़ा होता हूं तो मेरा पूरा फोकस थ्रो पर होता है और मैं अपना थ्रो सही से कर पाता हूं।

उन्होंने कहा कि पहला थ्रो अगर हम अच्छा कर लें तो खुद पर भी कॉन्फिडेंस आ जाता है और दूसरे एथलीट पर दबाव हो जाता है। सेकेंड थ्रो भी काफी स्टेबल थी। कहीं न कहीं मेरे दिमाग में आया कि ओलंपिक रिकॉर्ड के लिए कोशिश करता हूं। अब 90 मीटर के मार्क को हासिल करना है।

मैं आशा करता हूं कि AFI खासकर एथलेटिक्स और जैवलिन को और बढ़ावा दे क्योंकि मुझे लगता है कि भारत में बहुत प्रतिभा है। वे धीरे-धीरे सामने आएंगे। ओलंपिक में और अच्छा कर सकते हैं। मुझे लग रहा है कि हम कुछ भी कर सकते हैं

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