देश बड़ी खबर

देशभर में मनाया जा रहा बकरीद का पर्व, जामा मस्जिद में हुई ईद की नमाज़

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के बीच आज मुस्लिम समुदाय बकरीद (ईद-उल-अजहा) का पर्व मना रहा है। देश के कई राज्यों में ईद की नमाज़ आयोजित किये जाने पर रोक लगाई गई है वहीँ राजधानी दिल्ली के जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद में ईद की नमाज़ हुई।

दिल्ली की जामा मस्जिद में प्रशासन की अनुमति से प्रातः 6:05 बजे ईद की नमाज़ अदा की गई। नमाज़ में शामिल होने आये लोगों को मस्जिद में प्रवेश दिए जाने से पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई।

वहीँ नमाज़ के लिए बनाई ही कतारों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। हालांकि नमाज़ के लिए देर से पहुंचे कुछ लोग जल्दबाज़ी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए और वे जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर एक दूसरे के करीब मिलकर खड़े हो गए।

दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट में भी ईद की नमाज़ आयोजित हुई। मस्जिद के इमाम मोहिबुल्लाह ने बताया कि ‘कोरोना वायरस की वजह से राजधानी की तमाम मस्जिदों में एहतियात बरती जा रही हैं। लोग इसका पूरा ख्याल रख रहे हैं। लोग डिस्टेंस के साथ नमाज अदा कर रहे हैं।’

इससे पहले कल दिल्ली में 30 मस्जिदों और 9 दरगाहो के प्रमुख के साथ दिल्ली पुलिस की बैठक आयोजित की गई। दिल्ली पुलिस के डीसीपी ईश सिंघल के मुताबिक ‘कल हमने दिल्ली की 30 मस्जिदों और 9 दरगाहों के साथ मीटिंग की। सभी इमामों ने हमें विश्वास दिलाया कि वो सारे दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। हम भी निगरानी रखे हुए हैं लिहाजा अभी किसी भी तरह की परेशानी सामने नहीं आई है।’

फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने बताया कि ‘महामारी के बीच त्योहार बहुत शांति से मनाया जा रहा है। ईद पर हमेशा मोहल्ले की मस्जिदें बंद रहा करती थीं और सभी जामा मस्जिद या फतेहपुरी जाकर नमाज अदा करते थे। कोरोना की वजह से इस बार मोहल्ले की मस्जिदों में और घरों में नमाज़ पढ़ी गई।’

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र जामा मस्जिद में नमाज़ के आयोजन को लेकर प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किये थे। अधिक लोग जमा न हों इसलिए नमाज़ का समय भी सुबह जल्दी का रखा गया।

केरल और तमिलनाडु में भी कुछ मस्जिदों में भी ईद की नमाज़ होने की खबर है। हालाँकि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात में मस्जिदों में ईद की नमाज़ के आयोजन की अनुमति नहीं थी और लोगों ने अपने घरो पर ही ईद की नमाज़ अदा की।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें