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विहिप ने कहा ‘हमे भी मिले ट्रस्ट में जगह, मंदिर के पास न बने मस्जिद’

नई दिल्ली। अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद विश्व हिन्दू परिषद ने कहा है कि मस्जिद राम मंदिर के पास नहीं बनाई जानी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा डर की स्थिति बनी रहेगी।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि हमारा मानना है कि जो मस्जिद बनाई जाएगी उसका नाम बाबर के नाम पर नहीं होना चाहिए। क्योंकि पूरा विश्व जानता है कि बाबर एक विदेशी आकारान्ता था।

सुप्रीमकोर्ट ने अपने फैसले में सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने को कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि निर्मोही अखाड़े के एक सदस्य को भी ट्रस्ट में शामिल किया जाए।

सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर विश्व हिन्दू परिषद ने कहा है कि जिसे भगवान राम में आस्था हो उसे ही ट्रस्ट में होना चाहिए। लेकिन जो राम को नहीं मानता, उनमें आस्था नहीं रखता, उन्हें ट्रस्ट में नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण की लड़ाई राम जन्मभूमि न्यास ने लड़ी और मंदिर के लिए जो सामग्री चाहिए वो ज्यादातर न्यास ने दिए। हर कोई चाहता है कि मंदिर का निर्माण जल्द हो।

एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर के लिए जो खम्बे और सामग्री चाहिए उनके 60 फीसदी न्यास ने बनाए हैं। एक खम्बा को बनाने में करीब 3 महीने लगते हैं। इसलिए ट्रस्ट में राम भक्त होने चाहिए जिनका राम में भरोसा है लेकिन जो राम को नहीं मानता, उनमें आस्था नहीं रखता, उन्हें ट्रस्ट में नहीं होना चाहिए।

गौरतलब है कि अयोध्या में विवादित भूमि के मामले में अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि रामजन्मभूमि न्यास को 2.77 एकड़ ज़मीन का मालिकाना हक़ मिलेगा। वहीं, सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ ज़मीन दी जाएगी।

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