देश बड़ी खबर

किसानो और सरकार के बीच 5वीं बार बातचीत रही बेनतीजा, अब 9 दिसंबर को फिर होगी बैठक

नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच आज पांचवी बार की बातचीत भी बिना नतीजा समाप्त हो गई है। अब सरकार और किसानो के बीच 9 दिसंबर को फिर से बातचीत होगी।

बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर ने कहा कि “हमने कहा है कि MSP(न्यूनतम समर्थन मूल्य) जारी रहेगी। MSP पर किसी भी प्रकार का खतरा और इस पर शंका करना बेबुनियाद है अगर फिर भी किसी के मन में शंका है तो सरकार उसका समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

उन्होंने कहा कि “APMC राज्य का एक्ट है। राज्य की मंडी को किसी भी तरह से प्रभावित करने का न हमारा इरादा है और न ही कानूनी रूप से वो प्रभावित होती है। इसे और मज़बूत करने के लिए सरकार तैयार है। अगर इस बारे में किसी को कोई गलतफहमी है तो सरकार समाधान के लिए तैयार है।”

कृषि मंत्री ने कहा कि हम लोग चाहते थे कि कुछ विषयों पर हमें स्पष्टता से सुझाव मिलें लेकिन बातचीत के दौर से ये संभव नहीं हो सका। कुछ सुझाव मिल जाते तो हमें रास्ता निकालना थोड़ा आसान हो जाता। अभी भी उसका इंतज़ार करेंगे।

ये भी पढ़ें:  डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

तौमर ने कहा कि मेरा किसान यूनियन से आग्रह है कि सर्दी का सीज़न है कोविड का संकट है इसलिए जो बुज़ुर्ग लोग हैं और जो बच्चें हैं अगर उन्हें यूनियन के नेता घर भेज देंगे तो वे सुविधा से रह सकेंगे।

बैठक के बाद विज्ञानं भवन से बाहर आये किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने साफ़तौर पर कहा कि कृषि कानूनों पर वह केवल हां और नहीं में जवाब चाहते हैं। जबकि सरकार संशोधनों की बातें करके किसानो को इधर उधर घुमा रही है।

किसान कानूनों पर सरकार के साथ हुई बैठक के बाद एक किसान नेता ने कहा कि सरकार ने तीन दिन का समय मांगा है। 9 दिसंबर को सरकार हमें प्रपोज़ल भेजेगी, उस पर विचार करने के बाद बैठक होगी। 8 तारीख को भारत बंद ज़रूर होगा। ये कानून ज़रूर रद्द होंगे।

वहीँ आज भी भोजन अवकाश के समय सरकार की तरफ से विज्ञानं भवन में किसानो के लिए भोजन और चाय की व्यवस्था की गई थी लेकिन आज भी किसानो ने सरकार का भोजन ग्रहण करने से इंकार करते हुए अपने साथ लाये गए भोजन को आपस में बांट कर खाया।

किसानो और सरकार के बीच आज हुई बैठक में सरकार की तरफ से बिन्दुबार जबाव देने पर सहमति जाता दी गई। बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से पिछली बैठक के बिन्दुवार लिखित जवाब देने को कहा था जिसके लिए सरकार सहमत हो गई।

ये भी पढ़ें:  ट्रंप पर महाभियोग: अमेरिकी संसद के निचले सदन में हुई वोटिंग

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार एक मसौदा तैयार करेगी और हमें देगी। उन्होंने कहा कि वे राज्यों से भी सलाह लेंगे। एमएसपी पर भी चर्चाएं हुईं लेकिन हमने कहा कि हमें कानूनों को भी अपनाना चाहिए और उनको वापस लेने पर भी बात करनी चाहिए।

दूसरी तरफ दिल्ली से सटी पंजाब,हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर किसानो का प्रदर्शन जारी है। इससे पहले किसानो ने आज एलान किया था कि यदि आज की बातचीत में भी कोई हल नहीं निकलता तो 8 दिसंबर को भारत बंद कराएँगे।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें