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2014 में कांग्रेस की हार के लिए यूपीए की भूमिका की समीक्षा हो: मनीष तिवारी

नई दिल्ली। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार को लेकर अब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की भूमिका को लेकर पार्टी के अंदर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि क्या 2014 में कांग्रेस की हार के लिए यूपीए जिम्मेदार है, यह उचित सवाल है और इसका जवाब मिलना चाहिए?

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने ट्वीट कर चार सवाल पूछे हैं। क्या 2014 के चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए यूपीए जिम्मेदार थी। दूसरा सवाल़- क्या यूपीए के अंदर ही साजिश रची गई थी। तीसरा सवाल- 2019 की हार की भी समीक्षा होनी चाहिए। चौथा सवाल- पिछले 6 वर्षों में यूपीए पर किसी तरह का आरोप नहीं लगाया गया।

गौरतलब है कि 2004 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली बने यूपीए सरकार रही। यूपीए में में शिवसेना, डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), जनता दल सेक्युलर (जेडीएस), केरल कांग्रेस, एमडीएमके, आरएसपी, एआईयूडीएफ, वीसीके शामिल है। वहीँ 2012 तक तृणमूल कांग्रेस और एआईएडीएमके भी यूपीए का हिस्सा रहे हैं।

दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस की वर्चुअल बैठक थी, जिसमें एक कांग्रेस सांसद ने कई सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई बैठक में कपिल सिब्बल ने हार पर ‘आत्मनिरीक्षण’ किए जाने की आवश्यकता को लेकर बात की। वहीं पी चिदंबरम ने कहा कि पार्टी को लोगों का कांग्रेस से मोहभंग होने के कारणों का पता लगाने के लिए उन तक पहुंचना चाहिए।

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