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बाहर आये लालू यादव तो बदल जायेगी बिहार की चुनावी तस्वीर

पटना ब्यूरो। चारा घोटाले सजा याफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की ज़मानत पर झारखंड हाईकोर्ट 9 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगा। यदि लालू यादव को ज़मानत मिल जाती है तो इसका बिहार विधानसभा चुनाव पर सीधा असर पड़ना तय है।

जानकारों के मुताबिक, लालू यादव ज़मानत मिलने के बाद बिहार चुनाव की कमान अपने हाथो में ले सकते हैं। लालू यादव राजनीति के मंजे हुए खिलाडी हैं, उनके बाहर आने के बाद बिहार की राजनैतिक तस्वीर बदल सकती है।

लालू यादव रूठो को मनाने में माहिर माने जाते हैं। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि लालू यादव के सक्रिय होते ही जदयू में गए कई राजद नेताओं की पार्टी में वापसी तय हो सकती है। इतना ही नहीं चुनावी शतरंज में माहिर लालू यादव बिहार की कई सीटों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बाजी पलटने की हैसियत भी रखते हैं। इसलिए ये भी तय है कि राजद के बूढ़े शेर एक बार फिर ज़मींन पर दिखाई देने लगें।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पिछले दिनों लालू ने अपने ट्वीट से इरादे ज़ाहिर कर दिए हैं। उन्होंने बिहार में चुनाव का एलान होने पर ट्वीट कर अपने करीबियों को संदेश दे दिया है। लालू यादव ने ट्वीट कर कहा कि “उठो बिहारी, करो तैयारी, जनता का शासन अबकी बारी, बिहार में बदलाव होगा, अफसर राज खत्म होगा, अब जनता का राज होगा।”

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बिहार चुनाव में लालू यादव की मौजूदगी से राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन की कई समस्याएं हल होने की संभावना है। लालू यादव के मैदान में आने से बिहार में एक बार फिर अगड़ो और पिछडो का मुद्दा गर्म हो सकता है। लालू यादव मुस्लिम यादव कॉंबिनेशन के अलावा अपने पुराने परम्परागत दलित, पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को फिर से ज़िंदा कर सकते हैं।

लालू यादव को हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के मुद्दे पर अभी हाल ही में राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि इस उच्च न्यायलय पर हम लोगों को पूरा भरोसा है कि लालू जी को न्याय जरूर मिलेगा। आधा सज़ा पूरा हो जाने के बाद जमानत में कोई रुकावट नहीं होता।”

वहीँ लालू प्रसाद यादव के वकील प्रभात कुमार ने कहा कि ” चारा घोटाले के दूसरे मामले में काटी गयी आधी सजा के आधार पर जमानत देने का आग्रह किया गया है। केस (चारा घोटाला) की अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को होगी और उस दिन जमानत पास हो जाएगी।”

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