कंगना की बदज़ुबानी: अब महात्मा गांधी को लेकर कही ये आपत्तिजनक बात

नई दिल्ली। अपने अनावश्यक बयानों से सुर्खियां बटोलने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। अपनी बदज़ुबानी की हदें पार करते हुए कंगना ने अब महात्मा गांधी को सत्ता का भूखा और चालाक बताया है।

कंगना ने अपने सोशल मीडिया गांधी जी पर विवादित बयान जारी करते हुए एक लम्बा चौड़ा पोस्ट किया। कंगना ने अपने पहले पोस्ट में जहां गांधी को  सत्ता का भूखा और चालाक बताया तो वहीँ दुसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि महात्मा गांधी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो।

इतना ही नहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपन आदर्श मानने वाले लोगों को कंगना ने नसीहत तक कर डाली और कहा कि वे अपना हीरो समझदारी से चुनें। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि अगर तुम्हारे कोई एक गाल पर थप्पड़ मार दे तो दूसरा गाल आगे करने से आजादी नहीं मिलती है।

कंगना ने आगे अपने पोस्ट में लिखा, ‘जो स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे थे उन्हें तो लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया, क्योंकि उनमें न तो हिम्मत थी और न ही खून में उबाल।’

कंगना ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर लिखा कि वो सिर्फ सत्ता के भूखे थे और चालाक थे। उन्होंने हमें सिखाया कि अगर कोई तुम्हें थप्पड़ मारे तो अपना दूसरा गाल आगे कर दो, इस तरह तुम्हें आजादी मिल जाएगी। लेकिन ऐसे किसी को आजादी नहीं मिलती सिर्फ भूख मिलती है। अपना हीरो समझदारी से चुनें।’

वहीँ कंगना ने अपनी अगली ही पोस्ट में लिखा कि ‘गांधी जी ने कभी भी भगत सिंह और नेताजी का समर्थन नहीं किया। कई ऐसे सबूत हैं जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि गांधी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए। इसलिए आपको चुनना है कि आपको किसका समर्थन करना है।’

कंगना ने लिखा कि उन सबको यादों के एक बॉक्स में समेट कर सिर्फ उनकी जयंती पर उन्हें याद करते हुए विश करना सच कहूं तो काफी नहीं है। बल्कि ये मूर्खतपूर्ण होने के साथ-साथ गैरजिम्मेदाराना भी है। हर इंसान को अपने इतिहास और अपने हीरो के बारे में पता होना जरुरी है।

गौरतलब है कि हाल ही में पद्मश्री पुरुस्कार से सम्मानित कंगना रनौत ने एक टीवी चैनल से बातचीत में आज़ादी को लेकर विवादित बयान दिया था। कंगना ने 1947 में देश को मिली आज़ादी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह सिर्फ भीख थी, हमें आज़ादी 1947 में नहीं बल्कि 2014 में मिली है।

कंगना के इस बयान के खिलाफ देशभर में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इतना ही नहीं कई जगह कंगना के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

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