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कमलनाथ के ‘आइटम’ पर घमासान, मायावती भी मैदान में कूदीं

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा रविवार को एक चुनावी संभा में शिवराज सरकार की मंत्री इमरती देवी को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनैतिक घमासान शुरू हो गया है।

इस मामले में इमरती देवी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दखल देने की अपील करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग की है।

इमरती देवी ने कहा कि अगर मेरा जन्म गरीब परिवार में हुआ तो इसमें मेरी क्या गलती है? अगर मैं दलित समुदाय से आती हूं तो उसमें मेरी क्या गलती है? मैं सोनिया गांधी (जो एक मां भी हैं) से अपील करना चाहती हूं कि वो इस तरह के लोगों को अपनी पार्टी में जगह नहीं दें। अगर एक महिला के खिलाफ इस तरह के शब्द के प्रयोग होंगे तो वो आगे कैसे बढ़ेगी?

वहीँ राजनीति गर्म होती देख बसपा सुप्रीमो मायावती भी इस मामले में कूद गई हैं। मायावती ने कमलनाथ की टिप्पणी पर उनसे बिना शर्त सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगने की नसीहत की है।

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मायावती ने ट्वीट कर कहा, “मध्य प्रदेश में ग्वालियर की डाबरा रिजर्व विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रही दलित महिला के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय है। इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।”

वहीँ मुद्दे की तलाश में घूम रही भारतीय जनता पार्टी ने कमलनाथ द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर एक दिन के मौत धरने का एलान किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत अन्य भाजपा के नेता मौन धरने पर बैठेंगे।

क्या है मामला:

दरअसल रविवार को आयोजित एक चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस उम्मीदवार को जिताने की अपील करते हुए शिवराज सरकार में मंत्री इमरती देवी को लेकर टिप्पणी की। इस दौरान कमलनाथ ने कहा कि सुरेंद्र राजेश हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे साधे हैं। यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, ‘यह क्या आइटम है’।

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