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वोटों का विभाजन रोकने के लिए वाम दलों सहित कई अन्य दलों को शामिल करेगा महागठबंधन

पटना ब्यूरो। बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर जल्दबाजी दिखा रहे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी फिलहाल सीटों के बंटवारे का मुद्दा नहीं उठाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक जीतनराम मांझी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से आश्वासन मिलने के बाद महागठबंधन में बने रहने का फैसला लिया है हालांकि महागठबंधन में शामिल दल चाहते हैं कि सीटों के बंटवारे का काम आखिरी समय के लिए न छोड़ा जाए।

बिहार में महागठबंधन के चेहरे को लेकर राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि सेकुलर मतो का विभाजन रोकने के लिए अन्य दलों को भी महागठबंधन में शामिल किये जाने की बात चल रही है। उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को कहा कि अभी महागठबंधन में अन्य पार्टियों को शामिल करने की बात चल रही है़ हमलोग वाम दलों को भी अपने साथ जोड़ना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि बीते दिनों दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से इसको लेकर बात हो रही थी। सभी लोग महागठबंधन में एक साथ मिल कर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

कुशवाहा ने कहा कि लॉकडाउन के कारण अभी बात थोड़ी रुक गयी है़ महागठबंधन के सभी नेता आगे तय करेंगे कि महागठबंधन का सीएम उम्मीदवार कौन बने और विभिन्न पार्टियों में सीट बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो।

वहीँ दूसरी तरफ वाम दलों ने तय किया है कि वे पहले खुद आपस में सीटों का बंटवारा करेंगे और उसके बाद महागठबंधन के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे, ताकि सीट शेयरिंग में वह अपनी बात को रख सकें।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए वाम दलों ने भी संयुक्त रूप से वर्चुअल तैयारी शुरू कर दी है। वाम दल अगस्त प्रथम सप्ताह तक यह तय कर लेंगे कि कौन कहां से इस चुनाव में उम्मीदवार उतारेगा।

इस बीच महागठबंधन के घटक दलों के नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है। हाल ही में वीआइपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने दिल्ली में कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मुलाकात की थी। मुकेश सहनी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव से भी मुलाकात की थी।

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