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महागठबंधन में किसको मिलेंगी कितनी सीटें, दिल्ली में लगेगी अंतिम मुहर

नई दिल्ली। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए विपक्ष के गठजोड़ वाले महागठबंधन में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है और इस पर अंतिम मुहर दिल्ली में महागठबंधन के नेताओं की बैठक में लगेगी।

बिहार में कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल सहयोगी दलों से बातचीत के बाद शनिवार को दिल्ली वापस आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह महागठबंधन के नेता दिल्ली में जुटेंगे और सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर के बाद औपचारिक एलान किया जायेगा।

सूत्रों ने कहा कि सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर घटक दलों से बनी सहमति को शक्ति सिंह गोहिल कांग्रेस हाईकमान के समक्ष रखेंगे। इसके बाद सहयोगी दलों के साथ औपचारिक बैठक के बाद सीटों के बंटवारे का एलान किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में राष्ट्रीय जनता दल को सर्वाधिक 115 से 120 सीटें मिलने की संभावना है वहीँ कांग्रेस को 65 से 70 सीटें तक मिल सकती हैं। शेष रही सीटों में से रालोसपा, वीआईपी पार्टी, लोकतान्त्रिक जनता दल, वामदलों के बीच बंटवारा किया जायेगा।

हालांकि अभी यह भी कहा जा रहा है कि लोकजनशक्ति पार्टी और बीजेपी के बीच पैदा हुई दरार के बाद लोकजनशक्ति पार्टी कांग्रेस के संपर्क में है और यदि उसे एनडीए में सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं तो वह कभी भी एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए महागठबंधन में शामिल दलों को ये बता दिया गया है कि यदि लोकजनशक्ति पार्टी एनडीए छोड़कर आती है तो उसे सीटें देने के लिए सभी दलों को अपने कोटे से कुछ सीटें देनी पड़ेंगी।

गौरतलब है कि जीतनराम मांझी के महागठबंधन छोड़कर एनडीए में जाने के बाद लोकजनशक्ति पार्टी और बीजेपी के बीच दरार और गहरी हो गयी है। अभी हाल ही में जीतनराम मांझी की पार्टी हम की तरफ से बयान में कहा गया था कि यदि लोकजनशक्ति पार्टी ने जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे तो हम लोकजनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े करेगी।

वहीँ दूसरी तरफ महागठबंधन के लिए एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम भी तय किया जा रहा है। इतना ही नहीं फ़िलहाल यह भी तय किया गया है कि मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में अभी किसी को प्रोजेक्ट नहीं किया जायेगा बल्कि संयुक्त नेतृत्व में चुनाव लड़ा जायेगा।

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