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फारूक और उमर अब्दुल्ला से महबूबा मुफ़्ती की मुलाक़ात

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की नज़रबंदी खत्म होने के साथ ही राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ मुहीम छेड़ने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

करीब एक वर्ष से अधिक समय तक नज़रबंद रहने के बाद कल रिहा हुई जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से आज नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला से उनके आवास पर मुलाकात की।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर इस मुलाकात की एक तस्वीर साझा की है। उमर अब्दुल्ला द्वारा शेयर की गई तस्वीर के जबाव में महबूबा मुफ़्ती ने लिखा कि उमर और फारूक अब्दुल्ला का घर आना बेहद सुखद है। इनसे बात करके मुझे हिम्मत मिली है। मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर बेहतर के लिए चीजों को बदल सकते हैं।

इससे एक दिन पहले रिहाई के तुरंत बाद महबूबा मुफ़्ती ने अपनी पार्टी पीडीपी के नेताओं के साथ बैठक की थी। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ फिर से सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं। माना जा रहा है कि महबूबा मुफ़्ती जल्द ही कांग्रेस नेताओं से भी मुलाकात करेंगी।

रिहा होने के बाद महबूबा मुफ़्ती ने अपने पहले बयान में कहा कि “अब हमें ये याद रखना है कि दिल्ली दरबार ने 5 अगस्त को अवैध और अलोकतांत्रिक तरीके से हमसे क्या लिया था, हमें वो वापस चाहिए।”

अपनी रिहाई के बाद एक ऑडियो संदेश जारी कर महबूबा मुफ़्ती अपने इरादे पहले ही ज़ाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने अपने ऑडियो संदेश में कहा, “अब हम सबको इस बात पर यादा करना होगा कि जो दिल्ली दरबार ने 5 अगस्त को गैर-आयनी, गैर-जम्हूरी, गैरकानूनी तरीके से हमसे छीन लिया, उसे वापस लेना होगा।”

अभी जो ताजा जानकारी सामने आ रही है। उसे देख कर लगता है कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ सभी गैर बीजेपी दलों को एकजुट किये जाने की मुहिम शुरू हो चुकी है।

माना जा रहा है कि पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस तथा जम्मू कश्मीर के अन्य राजनैतिक दल आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ आपस में एकराय कायम करके इस मामले में आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।

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