देश बड़ी खबर

सुप्रीमकोर्ट द्वारा कृषि कानूनों पर रोक के बावजूद जारी रहेगा किसान आंदोलन!

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानो के मुद्दे पर आज दूसरे दिन सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने तीनो कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कृषि कानूनों की समीक्षा के लिए एक कमेटी भी गठित की है।

वहीँ सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद किसानो का कहना है कि कोर्ट ने कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाई है लेकिन कृषि कानून रद्द नहीं किये गए हैं। हमारी समस्या जैसी थी वैसी ही है। इसलिए कृषि कानूनों के वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

वहीँ सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के आज के फैसले पर कोर कमेटी की बैठक में बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि हम इस पर कानूनी राय लेने के बाद आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।

बुराड़ी ग्राउंड पर भारतीय किसान यूनियन के नेता बिंदर सिंह गोलेवाला ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट से विनती करना चाहेंगे कि कानूनों पर रोक नहीं बल्कि कोर्ट को कानूनों को रद्द करने का फैसला करना चाहिए क्योंकि डेढ़ महीना हो गया है सरकार इस पर कुछ सोच नहीं रही है।’

ये भी पढ़ें:  तेजस्वी का नीतीश पर निशाना: बिहार होता जा रहा है क्राइम कैपिटल ऑफ द कंट्री

सिंघु बॉर्डर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक किसान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के रोक का कोई फायदा नहीं है क्योंकि यह सरकार का एक तरीका है कि हमारा आंदोलन बंद हो जाए। यह सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है यह सरकार का काम था, संसद का काम था और संसद इसे वापस ले। जब तक संसद में ये वापस नहीं होंगे हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

वहीँ अब सभी की नज़रें किसान संगठनों की कोर्ट कमेटी की होने वाली बैठक पर टिकी हैं। देखना है कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाए जाने और कृषि कानूनों की समीक्षा के लिए कमेटी बनाये जाने पर किसान संगठनों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

हालांकि सिंघु बॉर्डर पर मौजूद अधिकतर किसान अपना आंदोलन समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं। किसानो का कहना है कि आंदोलन समाप्त कराने के लिए सरकार ने सुप्रीमकोर्ट का सहारा लिया है। अधिकांश किसानो की राय है कि कृषि कानूनों को रद्द करने तक आंदोलन जारी रखा जाए। किसानो का कहना है कि जब हम पचास दिनों तक आंदोलन कर सकते हैं तो कमेटी की रिपोर्ट आने का भी इंतज़ार कर सकते हैं।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें