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पड़ताल: जापान के स्कूलों में रामायण पढ़ना अनिवार्य

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ पोस्टो में दावा किया जा रहा है कि जापान ने अपने यहाँ के स्कूलों में रामायण को अनिवार्य तौर पर लागू कर दिया है।

सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावों के मुताबिक जापान के स्कूलों में रामायण को अनिवार्य तौर पर लागू किया गया है। स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चे को रामायण पढ़ना ज़रूरी होगा।

हालांकि ऐसा कुछ नहीं है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के भ्रामक पोस्ट डाले जा रहे हैं। जिनमे कोई सच्चाई नहीं है। जापान में रामायण पढ़ाये जाने की खबर पूरी तरह सच्चाई से परे हैं और ये सिलसिलेबार झूठ का एक हिस्सा है।

सोशल मीडिया पर अपने दावों को सच साबित करने के लिए जापान टाइम्स का हवाला दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि जापान टाइम्स ने एक खबर में पुष्टि की है कि जापान में रामायण को अनिवार्य तौर पर लागू किया गया है। हालांकि जापान टाइम्स में ऐसी कोई खबर छपी ही नहीं।

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इसलिए पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया पर जापान टाइम्स के लोगो के साथ जिस न्यूज़ क्लिप्पिंग को वायरल किया जा रहा है, वह फ़र्ज़ी है। पड़ताल में सामने आया कि इस फ़र्ज़ी खबर को शेयर करने वाले अधिकांश यूजर बिहार के हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि बिहार में इस समय चुनावी माहौल है और इसी माहौल को और गर्म करने के उद्देश्य से यह भ्रामक खबर शेयर की गई है।

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