पड़ताल बड़ी खबर

पड़ताल: लाल किले पर फहराया गया झंडा खालिस्तान का नहीं

नई दिल्ली। किसान ट्रेक्टर परेड के दौरान बेकाबू हुए किसानो का एक जत्था आज लाल किले में घुस गया। इस दौरान कुछ युवको द्वारा लाल किले के एक गुंबद पर चढ़कर एक झंडा लगा दिए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि लाल किले के गुंबद पर लगाया गया झंडा खालिस्तान का था। यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ खालिस्तान समर्थक लाल किले में प्रवेश कर गए और उन्होंने तिरंगा झंडा उतार कर खालिस्तान का झंडा लगा दिया।

इस पूरे मामले की पड़ताल में सामने आये सच के मुताबिक लाल किले के एक गुंबद पर लगाया गया झंडा खालिस्तान का नहीं था और न ही इस झंडे को लगाने के लिए लाल किले पर लगा तिरंगा झंडा उतारा गया था।

पड़ताल में इस बात की पुष्टि हुई है कि लाल किले के एक गुंबद पर लगाया गया झंडा निशान साहिब (सिख झंडा) था। पड़ताल में सामने आया कि यह झंडा लाल किले की प्राचीर पर नहीं लगाया गया बल्कि लाल किले के एक गुंबद पर लगाया गया था। यह झंडा लगाए जाने के बाद भी लाल किले की प्राचीर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लगा है।

ये भी पढ़ें:  कश्मीर में आतंकवाद: शिवसेना का मोदी सरकार पर हमला, कहा 'कोरी धमकियों से नहीं चलेगा काम'

सोशल मीडिया पर अलग अलग दावे:

लाल किले पर आज की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग अलग तर्को के साथ अलग अलग दावे किये जा रहे हैं। यह दावा भी किया जा रहा है कि इरादतन पंजाब से आये खालिस्तान समर्थको ने लाल किले की प्राचीर पर लगे तिरंगे झंडे को उतारकर खालिस्तानी झंडा लगा दिया है। जो सरासर गलत है। इस मामले में पुलिस पूरी छानबीन कर रही है और जल्द कार्रवाही की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
सत्य को ज़िंदा रखने की इस मुहिम में आपका सहयोग बेहद ज़रूरी है। आपसे मिली सहयोग राशि हमारे लिए संजीवनी का कार्य करेगी और हमे इस मार्ग पर निरंतर चलने के लिए प्रेरित करेगी। याद रखिये ! सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं।
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें