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महंगी हुई रसोई: 3 महीने में 40 रुपये प्रति लीटर तक बढ़े खाद्य तेलों के दाम

नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर बढ़ते बजन के बीच खाने के तेलों में 20 से 40 रुपये तक की बढ़ोत्तरी सामने आयी है। पिछले तीन महीने के अंदर ही खाने के तेलों की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी से आपकी रसोई का बजट और बढ़ सकता है।

जानकारों की माने तो खाद्य तेलों की कीमतें अभी और भी बढ़ सकती हैं और मई जून तक कीमतों में राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। जानकारों के मुताबिक खाद्य तेलों की बढ़ी कीमतों के बाद दाल, चावल और तिलहन जैसी चीज़ें भी और महंगी हो सकती हैं।

खाद्य तेलों की बात करें तो सिर्फ तीन महीने के अंदर ही सरसों के तेल का दाम 140 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा कई नामी ब्रांड के तेल 140 रुपये लीटर मिल रहे हैं तो लोकल ब्रांड सरसों का तेल 135 रुपये लीटर भी मिल जा रहा है। केवल दिसंबर से जनवरी में ही सरसों के तेल के दाम 10 रुपये लीटर बढ़ गए हैं।

वहीँ रिफाइंड की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं और नामी ब्रांड के रिफाइंड आयल 40 रुपये तक महंगे हो गए हैं। तीन माह पहले 15 लीटर रिफाइंड के टिन की कीमत 1650 रुपये थी, अब इसके दाम 1950 रुपये हैं। इसके साथ ही एक लीटर रिफाइंड 98 रुपये से 130 रुपये का हो गया है।

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खाद्य तेलो की कीमतों के बढ़ने के पीछे तेलों के आयात में आई कमी को कारण बताया जा रहा है। भारत में खाने के तेल की खपत का 65 फीसदी से भी ज़्यादा अधिक तेल आयात करना पड़ता है. जबकि इस वक्त विदेशों में तेल की कीमतें खुद ही बढ़ी हुई हैं। तर्क दिया जा रहा है कि खाद्य तेलों पर भी कोरोना महामारी की मार पड़ी हैं।

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