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अडानी समूह को 6 हवाई अड्डे देने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा अडानी समूंह को 6 एयरपोर्ट दिए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं। मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने यह मामला उठाया।

वायुयान संशोधन विधेयक2020 पर चर्चा में भाग लेते हुए वेणुगोपाल ने सरकार के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अडानी समूह ने छह हवाई अड्डों के संचालन और विकास के लिए बोलियां जीती हैं। एक निजी संस्था को हवाई अड्डे सौंपना मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने ही कुछ मंत्रालयों और विभागों की सलाह को नजरअंदाज कर दिया। मानदंडों में बदलाव से अडानी समूह को सभी छह बोलियों को जीतने में सफलता मिली। केसी वेणुगोपाल ने विधेयक का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि यह पीपीपी मॉडल हवाई अड्डे को विकसित करने के नाम पर घोटाला है।

इससे पहले चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा, ‘मुझे वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों से बहुत सारे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार की प्रशंसा करनी चाहिए। और ऐसा किसने किया? यह एयर इंडिया ने किया। आप चाहें तो एयर इंडिया के ढांचे को बदल सकते हैं लेकिन कृपया इसे न बेचें। एयर इंडिया है तो हिंदुस्तान है।’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने वायुयान (संशोधन) विधेयक 2020 पर चर्चा के दौरान कहा, ‘4-5 प्रतिशत लोग साल में एक बार विमान से यात्रा करते हैं। यदि यह संख्या 10-15 प्रतिशत हो जाती है, तो हमें हवाई अड्डों और विमानों की संख्या में भारी वृद्धि करने की आवश्यकता होगी। कोविड-19 की वजह से एयरलाइंस तनाव में हैं और उन्हें सहायता की आवश्यकता है।’

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विमानन क्षेत्र सरकार की नीति या गैर-नीति के कारण कोविड-19 से पहले भी कठिन दौर में था। उन्होंने पूछा कि क्या मंत्रालय ने फैसला लेने से पहले हितधारकों से बात की है।

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