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शिवसेना को झटका, एनसीपी-कांग्रेस ने कहा “सरकार पर फैसला अभी नहीं”

मुंबई। महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के बाद अब एनसीपी और कांग्रेस ने शिवसेना को झटका दिया है। कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अभी तय नहीं किया गया है।

इससे पहले आज कांग्रेस नेता अहमद पटेल, के सी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़के ने मुंबई पहुंचकर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की। इस मुलाकात में महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर भी चर्चा हुई।

बैठक के बाद दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि अभी राष्ट्रपति शासन की जरूरत नहीं थी। हम राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं।

अहमद पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कई राज्यों में मनमानी की है। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाना लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल का कांग्रेस को न्यौता न देना गलत है। सबको मौका दिया लेकिन कांग्रेस को नहीं बुलाया गया।

अहमद पटेल ने कहा कि कल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा का शिवसेना की तरफ से पहली बार आधिकारिक तौर पर फोन किया गया था लेकिन यह गठबंधन के दूसरे दल से बात किए बिना तय नहीं किया जा सकता था।

उन्होंने कहा कि पहले हमारी बात हो जाए, सारी बातें क्लियर हो जाएं। तब हम शिवसेना से भी बात कर लेंगे। एनसीपी से बात के बाद शिवसेना से बातचीत की कोशिश जल्द होगी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के मुद्दों पर स्पष्टीकरण जरूरी है।

वहीँ एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने कहा कि हम दोबारा चुनाव नहीं चाहते। हमारी तरफ से कोई कमियां नहीं, हमने प्रक्रिया शुरू ही की थी। उन्होंने कहा कि हमने गठबंधन में चुनाव लड़ा, इसलिए पहले हमारा बात करना जरूरी है।

पवार ने कहा कि हमने महाराष्ट्र के मुद्दे पर कांग्रेस से बातचीत की पहल की। अभी बातचीत पूरी होने के बाद शिवसेना से बात होगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनाना है या नहीं, सरकार बनाने के बाद हमारी नीति क्या होगी इस पर चर्चा जरूरी है।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर शरद पवार ने कहा कि अब तो हमें माननीय राज्यपाल ने बहुत समय दे दिया है। हम आराम से सभी पहलुओं पर विचार करके आगे बढ़ेंगे।

पवार ने कहा कि हमारा और कांग्रेस का एक कॉमन घोषणा पत्र था, इसलिए हमें अपने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के बारे में चिंता नहीं है। लेकिन अगर हमें थर्ड पार्टी के साथ सरकार बनानी है तो हमें बैठना पड़ेगा और चर्चा करनी पड़ेगी, जो ज़रूरी है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी जिसे मोदी केबिनेट ने स्वीकार कर लिया।

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