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दमोह उपचुनाव को हल्के में नहीं ले रही कांग्रेस, कमलनाथ कर रहे मॉनिटरिंग

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश के दमोह में हो रहे उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अभी से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। दमोह में 16 अप्रेल को मतदान होना है। इस सीट पर कांग्रेस कितनी ताकत से चुनाव लड़ रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दमोह के उपचुनाव के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इसके अलावा पार्टी अपने चुनिंदा नेताओं को प्रचार के लिए भेज रही है और प्रतिदिन कांग्रेस का कोई न कोई दिग्गज नेता दमोह में मौजूद रहता है। पार्टी के कई विधायकों विधायकों को दमोह में कैंप करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।

दमोह उपचुनाव में कांग्रेस ने अजय टंडन को उम्मीदवार बनाया है। अजय टंडन के पिता चंद्र नारायण टंडन कांग्रेस के कद्दावर नेता और विधायक रहे हैं। वहीँ अजय टंडन 1996 से 2006 तक लगातार 10 वर्षों तक दमोह जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर कार्य कर चुके हैं।

अजय टंडन ने ने दो बार 1998 और 2003 में विधानसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें जयंत मलैया से हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए राहुल सिंह जब कांग्रेस से चुनाव लड़े थे तो उस समय चुनाव मैनेजमेंट का जिम्मा अजय टंडन ने ही संभाला था।

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राजनीति में बीजेपी उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी की तुलना में अजय टंडन को बेहद अनुभवी हैं और उनका राजनैतिक सफर काफी लंबा रहा है। उनकी छवि पूरी तरह बेदाग़ है। वहीँ राहुल सिंह लोधी के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने पर दलबदल का दाग लग चुका है।

हालांकि दमोह सीट कोई भी पार्टी जीते इससे मध्य प्रदेश की सियासत पर बहुत फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि कांग्रेस के पास एक मौका अवश्य है कि वह दमोह सीट जीत कर एक और विधायक अपने खाते में जोड़ सकती है। वहीँ उपचुनाव में बीजेपी की पराजय का मतलब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के काम पर जनता की नाराज़गी माना जाएगा।

जहां तक कांग्रेस का सवाल है, वह दमोह उपचुनाव को पूरी गंभीरता से ले रही है और संभव है कि विपक्ष में होने के बावजूद उपचुनाव जीतने की उसकी कोशिश रंग लाये।

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