सेहत

कोरोनाकाल में यह आयुर्वेदिक दवा कर रही संजीवनी का काम
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कोरोनाकाल में यह आयुर्वेदिक दवा कर रही संजीवनी का काम

मुंबई। दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 8.27 मिलियन पार कर चुकी है, जबकि इससे 123,138 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, केवल महाराष्ट्र में ही 44,024 का आंकड़ा पर कर गया हैं। इस बीच लोगो के स्वस्थ होने की भी खबरें आ रही हैं परंतु आंकड़े इतने अच्छे नहीं हैं की राहत की सांस ली जा सके। इस बीच *परफेक्ट वेद आयुर्वेदिक दवा* बनाने वाली कंपनी *परफेक्ट प्लस मेडिकेयर* के निदेशक राकेश.एस. दुलगज ने दावा किया हैं कि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान विशेष फॉर्मूले से निर्मित इस आयुर्वेदिक दवा से अबतक उनके सारे मरीज ठीक हुए हैं। तीन दिन के अंदर अपना असर दिखने वाली यह दवा लगातार रोगियों को पॉजिटिव से निगेटिव कर रही हैं। जिसके टेस्टिमोनीयल्स उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही चीन के साथ पूरे विश्व में कोरोना महामारी ने दस्तक दी वो इसको देखकर विचलित हो उठे और उनमें अपने द...
बच्चों को डायरिया, निमोनिया व कुपोषण से बचाता है मां का दूध
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बच्चों को डायरिया, निमोनिया व कुपोषण से बचाता है मां का दूध

पटना : बच्चों के सर्वांगीण मानसिक एवं शारीरिक विकास में स्तनपान की भूमिका अहम होती है। शिशु के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम आहार के साथ ही उसका मौलिक अधिकार भी है। स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। ‘बेहतर आज और कल के लिए- माता-पिता को जागरूक करें, स्तनपान को बढ़ावा दें’ को इस बार के विश्व स्तनपान दिवस की थीम बनायी गयी है गंभीर रोगों से बचाव: माँ का दूध जहाँ शिशु को शारीरिक व मानसिक विकास प्रदान करता है वहीँ उसे डायरिया, निमोनिया और कुपोषण जैसी जानलेवा बिमारियों से बचाता भी है। जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान शुरू कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तक की कमी लायी जा सकती है। छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया के खतरे में क्रमशः 11 प्रतिशत और 15 प्रतिशत कमी लायी जा सकती है। लैंसेट की 2015 की रिपोर्ट ...
विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस: चुप्पी तोड़ें, स्वच्छता है सभी का समान अधिकार
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विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस: चुप्पी तोड़ें, स्वच्छता है सभी का समान अधिकार

मुजफ्फरपुर(सुमन मिश्रा): देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में नित्य नए प्रयोगों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रखने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इन सब बातो के बीच समुदायों में अभी भी माहवारी स्वच्छता पर चुप्पी कायम है. इस दिशा में माहवारी स्वच्छता पर खुल कर बात करने एवं लोगों को इसके बारे में जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 28 मई को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है. साथ ही माहवारी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए किशोरियों एवं महिलाओं को सेनेटरी पैड इस्तेमाल करने की जागरूकता पर बल दिया जाता है. प्रजनन एवं यौन संक्रमण से बचाव जरुरी: सदर अस्पताल से सिविल सर्जन डॉ शैलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का मकसद समाज को एक स्वास्थ्य संदेश देना है कि हमारी मां, बहनें व बेटियां कैसे स्वच्छ और स्वस्थ रहें. मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बहुत...
विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर खास रिपोर्ट: यह लक्षण दिखाई दे तो हो जाएं सावधान
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विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर खास रिपोर्ट: यह लक्षण दिखाई दे तो हो जाएं सावधान

बक्सर(सुमन मिश्रा): तेजी से बदलते जीवनशैली से हाइपरटेंशन से ग्रसित होने वाले लोगों में तेजी से इजाफ़ा हुआ है. हाइपरटेंशन यानि उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है. क्या है हाइपरटेंशन : इसे सामान्य भाषा में उच्च रक्तचाप भी कहा जाता है. यह दो प्रकार का होता है.पहला एस्सेनशिअल हाइपरटेंशन जो मूलतः अनुवांशिक, अधिक उम्र होने पर, अत्यधिक नमक का सेवन तथा लचर एवं लापरवाह जीवनशैली के कारण होता है. दूसरा सेकेंडरी हाइपरटेंशन जो उच्च रक्तचाप का सीधा कारण चिन्हित हो जाये उस स्तिथि को सेकेंडरीहाइपरटेंशन कहते हैं. यह गुर्दा रोग के मरीजों तथा गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं में अधिक देखा जाता है. यह लक्षण दिखाई दे तो हो जाएं सावधान : हाइपरटेंशन को शुरूआती लक्षणों से जाना जा सकता है एवं इससे बचा भी जा सकता है. • सर में अत्यधिक दर्द रहना. • ...
गर्मी और लू से करें बचाव, इन चीज़ो का रखें ध्यान
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गर्मी और लू से करें बचाव, इन चीज़ो का रखें ध्यान

ब्यूरो (सुमन मिश्रा): गर्मी की शुरुआत से ही गर्म हवाओं का प्रकोप बढ़ने लगा है. ऐसे मौसम में गर्म हवाओं के कारण लू लगने की संभावनाएं बढ़ जाती है. बढ़ते तापमान के साथ चलने वाली गर्म तेज हवाओं से शरीर को सुरक्षित एवं अनुकूल करने के लिए खान-पान के साथ दैनिक दिनचर्या में बदलाव करना जरुरी है. साथ ही नवजात शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण में सुधार कर गर्मी के दुष्परिणामों से सुरक्षा प्रदान की जा सकती है. 6 माह तक के शिशुओं का करायें सिर्फ स्तनपान : 6 माह तक के शिशुओं के लिए सिर्फ स्तनपान ही पर्याप्त होता है. गर्मी के कारण स्तनपान के साथ किसी भी प्रकार का तरल पेय पदार्थ या पानी बच्चों को नहीं देना चाहिए. गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक बार स्तनपान कराकर गर्मी के कारण होने वाली विभिन्न समस्याओं से बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है. साथ ही गर्भवती महिलाओं को गर्मी के मौसम में लू से बचने के लिए पो...
सर्दियों में फटे होटों के लिए अपनाएं शहनाज़ हुसैन के ये टिप्स
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सर्दियों में फटे होटों के लिए अपनाएं शहनाज़ हुसैन के ये टिप्स

ब्यूरो (शहनाज़ हुसैन द्वारा)। सर्दियों में वातावरण में नमी की वजह से होठों का फटना आम बात है। लेकिन फटे होंठ जहां चेहरे पर बदसूरती का अहसास कराते है वहीं दूसरी ओर शारीरिक पीड़ा का कारण बनते है। सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि नारियल तेल, आॅर्गन तेल पर आधारित होठों के वाम, तथा लिपिस्टिक के प्रयोग से होठों को फटने से बचाया जा सकता है। होंठ चेहरे की सुन्दरता में अहम भूमिका अदा करते है। आपसी वार्तालाप में सामान्यता होंठ आपसी आकर्षण का केन्द्र बनते है। होंठ चेहरे की बनावट में आंखों तथा नाक की तरह महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है। होठों की सुन्दरता से चेहरे का आभा तथा निखार को चार चान्द लग जाते है। सर्दी के मौसम में नमी की कमी के इलावा शरीर में पोषाहार तत्वों की कमी की वजह से भी होंठ फट जाते है। शरीर में विटामिन-ए, सी तथा बी-2 की कमी से कई बार होठों में दरारे आ जाती है तथा खून बहना शुरू हो जाता ह...
पढ़िए : ब्रेड खाने से क्यों हो सकता है कैंसर
लाइफ स्टाइल, सेहत

पढ़िए : ब्रेड खाने से क्यों हो सकता है कैंसर

ब्यूरो । ब्रेड खाने के आदी लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई कि ज्यादातर ब्रैंडेड कंपनी के उत्पाद में कैंसर जनित केमिकल मिले हैं। CSE की इस रिपेार्ट के बाद सोशल मीडिया से लेकर हर घर में यही चर्चा चल रही है कि आखिर फिर खाएं क्या। चलिए हम आपको बताते हैं कि आप जो ब्रेड खाते हैं उसमें CSE ने कौन सा खतरनाक रसायन पाया और कैसे इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए और किन देशों में इस रसायन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। पोटैशियम ब्रोमाइड (KBrO3) सीएसई ने कई ब्रांडेड कंपनियों के बेकरी उत्पाद (ब्रेड से जुड़े) में जो खतरनाक केमिकल मिले हैं उनमें से एक है पोटैशियम ब्रोमाइड। दरअसल इस केमिकल का इस्तेमाल आटे को ठीक से गूंथने और उसे बेकिंग के समय ज्यादा फूलने के लिए मिलाया जाता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसका इस्तेमाल अगर सही आंच पर और सही समय तक किया जाए तो यह खाद्य उत्पाद से पूरा खत्म हो जाता है। यानी ये हवा के साथ ...
गर्मियों में कामकाजी महिलाओं के लिए सौंदर्य टिप्स : शहनाज हुसैन द्वारा
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गर्मियों में कामकाजी महिलाओं के लिए सौंदर्य टिप्स : शहनाज हुसैन द्वारा

ब्यूरो : कामकाजी महिलाओं को अपने कार्य स्थल पर जाने के लिए ट्रेफिक जाम, वायु प्रदूषण तथा कालिख से प्रतिदिन जूझना पडता है। इन महिलाओं को अपने अंगों की स्वच्छता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। कामकाजी महिलाओं को गर्मियों में सोने से पहले अपने सौंदर्य, प्रदूषण, गन्दगी, पसीने की बदबू तथा तैलीय पदार्थो को अपने अंगों से छुडाने के लिए रात को अपनी त्वचा को ताजे स्वच्छ पानी से अवश्यक धोना चाहिए। गर्मियों में तुलसी तथा नीम फेशवाश सबसे उपयुक्त है। इससे मैलापन दूर करने में मदद मिलेगी तथा त्वचा को फोड़े फुन्सी, लाल चकत्तों आदि से संरक्षण तथा शांति मिलेगी। त्वचा को साफ करने के बाद ठण्डे गुलाब जल सेे त्वचा की रंगत निखारिए। उसमें न केवल त्वचा में ताजगी तथा शीतलता आती है बल्कि इससे त्वचा में रक्त संचार को प्रवाह को नियमित करने में मदद मिलती है तथा चेहरे की चमक दमक बढ जाती है गर्मियों के दौरान गर्म तथा आर्...