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फ़ेसबुक पोस्ट को लेकर महिला पत्रकार के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मुक़द्दमा दर्ज

नई दिल्ली। सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करने पर एक महिला पत्रकार के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। फोटो जर्नलिस्ट मसर्रत ज़ाहरा पर आरोप है कि उन्होंने फ़ेसबुक पर युवाओं को स्टेट के ख़िलाफ़ आपराधिक गतिविधियों के लिए उकसाने वाली सामग्री पोस्ट की।

श्रीनगर की रहने वाली 26 साल की मसर्रत ज़हरा फ़ोटो जर्नलिस्ट हैं। श्रीनगर में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से जारी होने वाले बयान में कहा गया है कि उन्हें सूत्रों से सूचना मिली थी कि मसर्रत ज़हरा आपराधिक रूप से फ़ेसबुक पर राष्ट्र विरोधी पोस्ट डाल रही हैं।

पुलिस का दावा है कि उनकी पोस्ट से क़ानून लागू करने वाली संस्थाओं की छवि ख़राब हो रही है और देश के ख़िलाफ़ प्रभाव पड़ रहा है। वहीँ अलजज़ीरा से बात करते हुए मसर्रत ज़हरा ने कहा कि जम्मू कश्मीर की पुलिस पत्रकारों को कुचलने की कोशिश कर रही है।

उनका कहना है कि उन्होंने पिछले वर्षों में प्रकाशित हो चुकी सामग्री ही दोबारा फ़ेसबुक पर पोस्ट की है। मसर्रत ज़हरा ने कहा कि मैं अपने द्वारा खींची गई पुरानी तस्वीरें जारी करती रहती हूं जो पहले ही भारतीय और दुनिया के दूसरे संस्थानों या सोशल मीडिया में पब्लिश हो चुकी होती हैं मगर अब इसी बात पर मेरे ख़िलाफ़ राष्ट्र द्रोह का मुक़द्दमा दर्ज किया गया है।

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बता दें कि फोटो जर्नलिस्ट मसर्रत ज़ाहरा द्वारा खींची हुई तसवीरें वाशिंग्टन पोस्ट, द न्यू ह्युमैनिटेरियन, टीआरटी वर्ल्ड, अलजज़ीरा, द कारवान और दूसरे अख़बारों में छपती हैं।

कश्मीर के पत्रकारों ने भी पुलिस की कार्यवाही की निंदा की है। कश्मीर प्रेस क्लब ने अपने बयान में पत्रकारों पर लगाए जा रहे झूठे आरोपों पर अंकुश लगाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की है।

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