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सामाजिक संगठनों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया

नई दिल्ली। अमेरिका में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस टॉर्चर में मौत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को ज़िम्मेदार बताते हुए अमेरिकी नागरिक अधिकारों के लिए लड़ने वाले कई संगठनों ने ट्रंप के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

गौरतलब है कि अमेरिका में अश्वेत नागरिक फ्लॉयड की मौत के बाद बड़ी तादाद में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनों के दौरान कई इलाको में हिंसा भी भड़की। वहीँ वाइट हाउस के समक्ष प्रदर्शन करने पहुंचे अमेरिकी लोगों पर पुलिस ने ताकत का इस्तेमाल किया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े, रबर की गोलियां दागीं और बल पूर्वक कार्रवाई की। इतना ही नहीं ट्रंप ने अपनी नीतियों को सही साबित करने के लिए व्हाइट हाउस के पास एक चर्च के सामने बाइबिल के साथ फोटो भी खिंचवाए।

इससे पहले कल अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस बर्बरता से हुई मौत के 10 दिन बाद देश में प्रदर्शन और शांतिमार्च किए गए। 10वें दिन जॉर्ज के अंतिम संस्कार में कई नामचीन हस्तियों के साथ हजारों लोग शामिल हुए।

अंतिम संस्कार के वक्त हजारों प्रदर्शनकारियों ने ब्रुकलिन ब्रिज से मैनहट्टन तक मार्च किया और सिएटल में सिटी हॉल के बाहर एकत्रित होकर पूरे देश में सड़कों पर प्रदर्शन किया। अंतिम संस्कार में जॉर्ज की पत्नी रॉक्सी और 6 साल की बेटी गियाना भी शामिल हुए।

फ्लॉयड के लिए छह दिनों तक तीन शहरों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, जहां पहली सभा मिनियापोलिस की नॉर्थ सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एक ऑडिटोरियम में हुई।

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी भीड़ से फ्लॉयड के भाई टेरेंस फ्लॉयड ने कहा, ‘मेरे भाई के लिए आप सभी के प्यार को देखकर मैं ईश्वर का शुक्रिया अदा करता हूं। लेकिन पूरे देश में मुझे प्रदर्शनों पर तो गर्व है किंतु मैं तबाही को लेकर गर्व नहीं महसूस करता। मेरा भाई वैसा नहीं था। फ्लॉयड भगवान से डरने वाला परिवार है। हम लोगों को ईश्वर और शक्ति दे।’

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