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कूचबिहार की घटना पर बीजेपी-टीएमसी में घमासान, आरोप-प्रत्यारोप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चौथे चरण के चुनाव के दौरान कूचबिहार में पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत को लेकर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं और दोनों एक दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।

कल कूचबिहार में हुई घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि ये नरसंहार है। वो उनको पैर या शरीर के निचले हिस्से में गोली मार सकते थे लेकिन सब गोलियां उन्हें गर्दन या छाती में लगीं।

वहीँ कूचबिहार की घटना को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल चुनाव के चौथे चरण में कल एक दुखद घटना हुई। जिस प्रकार से इस घटना का राजनीतिकरण किया जा रहा है ये बहुत दुखद है। मैंने ममता दीदी के बयान देखे हैं, उसी बूथ पर सुबह आनंद बर्मन की गुंडों द्वारा हत्या कर दी गई ताकि वहां पर मतदान न हो और CISF के हथियार लूटने की कोशिश की।

रविवार को पश्चिम बंगाल के शांतिपुर पहुंचे अमित शाह ने कहा कि ममता दीदी सिर्फ चार लोगों को श्रद्धांजलि देती हैं, उनको आनंद बर्मन की मौत की नहीं पड़ी है। मृत्य में भी तुष्टिकरण और वोट की राजनीति करना, ममता दीदी ने बंगाल की राजनीति को कितना नीचे​ गिराया है, ये इसका एक उदाहरण है।

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इससे पहले इस मामले में कल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी। शनिवार को सिलीगुड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह आज की घटना के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार हैं और वे खुद साजिशकर्ता हैं। मैं केंद्रीय बलों को दोष नहीं देती क्योंकि वे गृह मंत्री के आदेश के तहत काम करते हैं।

चुनाव आयोग ने नेताओं कूचबिहार जाने पर 72 घंटे की रोक लगाई:

चुनाव आयोग ने अगले 72 घंटे के लिए हिंसा प्रभावित कूचबिहार जिले का दौरा करने से सीएम ममता बनर्जी को रोक दिया। आयोग ने कहा है कि अगले तीन दिनों में किसी भी राजनीतिक नेताओं को तनावग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

आयोग ने कहा है कि कूच बिहार जिले में किसी भी राष्ट्रीय, राज्य या अन्य पार्टी के किसी भी राजनीतिक नेता को तत्काल प्रभाव से अगले 72 घंटों के लिए जिले की भौगोलिक सीमाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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