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असम में हॉर्स ट्रेडिंग का डर, परिणाम आने से पहले AIUDF ने 18 उम्मीदवारों को भेजा जयपुर

नई दिल्ली। असम में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले ही राज्य में कांग्रेस और एआईयूडीएफ को अपने संभावित विधायकों की खरीद फरोख्त का डर सताने लगा है। बीजेपी की तरफ से हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं को देखते हुए जहां कांग्रेस अपने संभावित विधायकों को परिणाम आने से पहले ही असम से बाहर शिफ्ट करने का प्लान बना रही है वहीँ एआईयूडीएफ ने अपने 18 उम्मीदवारों को जयपुर शिफ्ट कर दिया है।

माना जा रहा है कि कांग्रेस भी अपने संभावित विधायकों को जल्द ही राजस्थान शिफ्ट कर सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मतगणना भले ही दो मई को होनी है लेकिन पराजय की आशंकाओं को देखते हुए बीजेपी अभी से कांग्रेस-एआईयूडीएफ के उम्मीदवारों पर डोरे डालने की कोशिश करेगी।

गौरतलब है कि असम में तीसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान से पहले बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के एक उम्मीदवार भाजपा में शामिल हो गये थे और बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन करते हुए खुद को चुनाव से खुद को अलग कर लिया था।

हालांकि चुनाव परिणाम दो मई को आने हैं लेकिन राज्य में कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन की सरकार बनने की संभावना भी बीजेपी के बयान से ही पैदा हुई है। बीजेपी ने पहले राज्य की 126 सीटों में से 100 सीटें जीतने का दावा किया था लेकिन तीसरे चरण का चुनाव संपन्न होते होते बीजेपी नेता अपने ही दावों से मुकरने लगे और उन्होंने राज्य में 84 सीटें जीतने की संभावना जताई है।

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वहीँ कांग्रेस के आंतरिक सर्वे को लेकर कहा जा रहा है कि पार्टी के आंतरिक सर्वे में बीजेपी और कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन के बीच 5 से 10 सीटों का फासला रह सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में बीजेपी कांग्रेस के अलावा गठबंधन में शामिल दलों एआईयूडीएफ और बीपीएफ के विधायकों के बीच तोड़फोड़ की कोशिश कर सकती है।

कांग्रेस सूत्रों की माने तो पार्टी ने अपने आंतरिक सर्वे के बाद अपने सहयोगी दलों को सचेत कर दिया है और चुनाव जीतने की संभावना वाले सभी उम्मीदवारों की मॉनिटरिंग करने की सलाह दी है।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस की सलाह के बाद ही एआईयूडीएफ के 18 उम्मीदवारों को राजस्थान की राजधानी जयपुर शिफ्ट किया गया है। चूंकि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है इसलिए पार्टी इस राज्य को सुरक्षित मानकर चल रही है।

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