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Live: सरकार और किसानो के बीच आज 11वे दौर की वार्ता, विज्ञान भवन पहुंचे किसान नेता

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 57 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानो और सरकार के बीच आज 11वे दौर की वार्ता होगी। वार्ता में शामिल होने के लिए किसान संगठनों के नेता विज्ञानं भवन रवाना हो चुके हैं।

इससे पहले कल किसानो की संयुक्त समिति की बैठक में किसानो ने सरकार के उस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया था जिसमे कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक लागू न करने का प्रस्ताव दिया गया था।

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने आज कहा कि सरकार का रवैया थोड़ा और सकारात्मक होगा तो बेहतर हो सकता है। सरकार ने जो प्रस्ताव दिया था उसमें पुराने प्रस्ताव से थोड़ा फर्क था इसीलिए वह प्रस्ताव हम आमसभा में ले गए थे। चर्चा के बाद उन लोगों ने उसे मानने से इनकार कर दिया।

26 जनवरी को किसानो की प्रस्तावित ट्रेक्टर परेड को लेकर उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली को लेकर बातचीत चल रही है। रैली तो होगी ही। सरकार रिंग रोड पर आने से मना कर रही है लेकिन किसान पीछे नहीं हटेगा। हम देखते हैं इसे शांतिपूर्ण तरीके से कहां तक कामयाब किया जा सकता है।

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दूसरी तरफ आज 57वे दिन भी दिल्ली की सीमाओं पर किसान डंटे हुए हैं और 26 जनवरी की परेड में शामिल होने के लिए दूरदराज के किसानो का टेक्टर के साथ दिल्ली आना जारी है।

आज 11वे दौर की वार्ता शुरू होने से पहले किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा कि सभी ने शाम को ये फैसला लिया कि हम सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हैं। हम बैठक में सरकार को प्रस्ताव को ठुकराने पर अपनी दलील के साथ जवाब देंगे। आज की चर्चा हमारी मांगों पर केंद्रित होगी।

फ़िलहाल आज की वार्ता को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि आज सरकार से कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी के लिए कानून बनाये जाने को लेकर सरकार से हां या नहीं में बात की जायेगी।

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