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सोशल मीडिया: बारिश देखकर लग रहा,रावण जलकर नहीं डूबकर मरेगा ?

ब्यूरो (राम मिश्रा अमेठी):बीते कई दिनों से रुक रुक कर हो रही भारी बारिश से जहा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वहीं त्योहारी दिनों में मौसम के रुख को देखते हुए लोगों चिंताएं बढ़ गई है।

बारिश ने नवरात्र के पहले दिन से ही जिले के तमाम जगहों पर शुरू होने वाली रामलीला के आयोजकों एवं दुर्गा पूजन समितियों के माथे पर भी बल डाल दिया है। इसी क्रम में जिले के कई जगहों पर तो राम लीला का मंचन रविवार तक शुरू ही नहीं हो पाया है ।

बता दे कि जिले की कई रामलीला समितियों ने अयोध्या,चित्रकूट एवं मथुरा वृंदावन के रामलीला मंडल के अलावा प्रकाश,लाउड स्पीकर,रेडीमेड मंच आदि में हजारों लाखो रुपए खर्च कर चुकी है।

गौरतलब रहे मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के सबसे बड़े रामलीला के आयोजक रामलीला समिति मुसाफिरखाना द्वारा लगातार कई वर्षों से नवरात्रि के पहले दिन से ही नगर पंचायत परिसर में रामलीला का आयोजन किया जाता है। यहां रामलीला देखने के लिए तहसील क्षेत्र से करीब 25 से अधिक गावों के लगभग हजारो दर्शक जुटते है।

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अहम बात है कि इस वर्ष इस ग्राउंड में बीते 26 सितम्बर से राम लीला का मंचन होना था लेकिन भारी बारिश के चलते रविवार तक मंचन शुरू नही हो पाया है।

रामलीला समिति साहबगंज के ड्रामा डायरेक्टर शीतला प्रसाद शुक्ल का कहना है करीब 55 कलाकार कमेटी में है जिसमे 12 कलाकार तय खर्चे पर बाहर से बुलाये गए है। जो बारिश के कारण अभिनय नहीं कर पा रहे है, जिसका भार कमेटी पर पड़ रहा है।

वही जिले में बीते बुधवार से जिस तरह से बारिस हो रही है अगर इसी तरह की बरसात आने वाले दिनों में होती रही तो इस बार रावण जलकर नहीं बल्कि डूबकर मरेगा।’ इस तरह की बातें सोशल मीडिया पर जमकर हो रही हैं।

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