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सिर्फ अयोध्या ही नहीं इन बड़े मामलो में भी सुप्रीमकोर्ट सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली। अयोध्या में विवादित भूमि को लेकर सुप्रीमकोर्ट शनिवार प्रातः 10:30 बजे अपना फैसला सुनाएगा। सुप्रीमकोर्ट आने वाले चार दिन में पांच बड़े मामलो में भी फैसला देगा।

माना जा रहा है कि फैसलों के लिहाज से सुप्रीमकोर्ट के अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। अयोध्या मामले में सुनवाई होने के बाद सुप्रीमकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था।

चूँकि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर से सेवा अवकाश लेंगे इसलिए माना जा रहा है कि 16 नवंबर तक कई अन्य बड़े मामलो में भी फैसला आ जायेगा।

वहीँ सुप्रीमकोर्ट जिन अन्य बड़े मामलो में फैसले सुनाएगा उनमे सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट की अवमानना का मामला, राफेल विमान सौदे के फैसले पर पुनर्विचार का मामला और मुख्य न्यायाधीश के ऑफिस में आरटीआई से जानकारी मांगने का मामला शामिल है।

हालाँकि इन सभी मामलो में अयोध्या मामला बेहद पेचीदा है। इस मामले में वर्षो से कानूनी जंग चल रही है। इतना ही नहीं अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस होने से पहले से राम मंदिर को लेकर आंदोलन चलता रहा है और एक राजनैतिक दल इस पर लगातार अपनी रोटियां सकता रहा है।

अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के फैसले से पहले कई जाने माने लोगों ने शांति बनाये रखने और कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए उसे स्वीकार करने की अपील की है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी अपील की है कि कोर्ट का जो भी फैसला आये उसे सभी स्वीकार करें और किसी भी हाल में माहौल ख़राब न होने दें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है कि कोर्ट का जो भी फैसला आये उसका सम्मान करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सन्देश में कहा कि अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट जो भी फैसला देता है वह किसी की हार या जीत नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि हम सभी की यह प्राथमिक होनी चाहिए कि निर्णय से शांति की परंपरा, एकता और भारत की गुडविल मजबूत हो।

नहीं माना मीडिया, भड़काऊ बातें करते दिखे कई चैनल:

अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के शनिवार को फैसला देने की खबर को कुछ मीडिया चैनलों ने हॉटकेक की तरह परोसा। कई चैनलों के एंकरों ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर कयास लगाने की कोशिश में एकतरफा कहानी शुरू कर दी।

कुछ चैनलों में देखा गया कि वे अयोध्या मामले को चढ़बढ़कर पेश कर रहे हैं और फैसला आने से पहले ही तमाम कयासों को कहानियों की तरह पेश कर रहे हैं।

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