अपराध

लिखित में माफ़ी मांगने की शर्त पर सुप्रीमकोर्ट से मिली बीजेपी नेता को रिहाई

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फोटोशॉप से बनी फ़र्ज़ी तस्वीर शेयर करने वाली बीजेपी नेता प्रियंका शर्मा को सुप्रीमकोर्ट ने लिखित में माफ़ी मांगने की शर्त पर तत्काल रिहाई के आदेश जारी किये हैं।

बीजेपी नेता ममता शर्मा ने सीएम ममता बनर्जी की एक फ़र्ज़ी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाही करते हुए प्रियंका शर्मा को गिरफ्तार किया था।

10 मई को हुई गिरफ्तारी के बाद प्रियंका को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। ऐसे में उनके परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

प्रियंका ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस निरंकुश और तानाशाह तरीके से काम कर रही है। एक साधारण मजाक के लिए किसी को जेल में भेजा जाना गलत है।

सुप्रीम कोर्ट में इस समय गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। ऐसे में मामला जस्टिस इंदिरा बनर्जी और संजीव खन्ना की अवकाश कालीन बेंच के सामने लगा। बेंच की अध्यक्षता कर रही जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने शुरू में ही कहा कि इस तरह की तस्वीर पोस्ट करने के लिए प्रियंका को माफी मांगनी चाहिए।

इस पर प्रियंका के वकील ने विरोध करते हुए कहा कि विचारो की अभिव्यक्ति में एक 25 साल की लड़की को जेल में डाल दिया गया और अब उसके समक्ष रिहाई के लिए माफ़ी की शर्त रखी जा रही है।

इस पर कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति की रिहाई की बात की जा रही है वह एक समय व्यक्ति होता तो इसे अज्ञानतावश किया गया कार्य मानकर छोड़ा जा सकता था लेकिन प्रियंका शर्मा राजनैतिक दल से जुडी हुई है और उसके कृत्य को अज्ञानता नहीं माना जा सकता।

हालाँकि बाद में प्रियंका के वकील इस बात पर सहमत हो गए कि जेल से रिहा होने के बाद प्रियंका शर्मा लिखित में माफ़ी मांगेंगी। इस पर कोर्ट ने भी अपनी सहमति जताई।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
Support us to keep Lokbharat Live, Give a small Contribution of Rs.100 to Support Fearless & Fair Journalism
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें