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मोदी सरकार को एक और झटका: वर्ल्ड बैंक के बाद IMF ने भी घटाया विकास दर का अनुमान

नई दिल्ली। आर्थिक मोर्चे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को एक और बड़ा झटका लगा है। विश्व बैंक के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है।

इस वर्ष अप्रेल में आईएमएफ ने भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था लेकिन अब इसे घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। आईएमएफ के ताजा अनुमान में कहा गया है कि भारत की जीडीपी इस साल 6.1 फीसदी की रफ्तार से ग्रोथ करेगी।

वहीँ इससे पहले सितंबर में आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक विकास दर सात फीसदी रहने की उम्मीद जताई थी। इसमें 0.30 फीसदी की कटौती की गई थी।

आईएमएफ ने कहा है कि कॉरपोरेट और रेग्युलेटरी अनिश्चितताओं और कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं की कमजोरी के कारण भारत की आर्थिक विकास दर अनुमान से अधिक कमजोर हुई।

इसके साथ ही सबसे तेज प्रमुख अर्थव्यवस्था होने का उसका तमगा भी छिन सकता है क्योंकि चीन की भी विकास दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान है। इस साल चीन के मुकाबले भारत की आर्थिक विकास दर में ज्यादा गिरावट आने का अनुमान है।

आइएमएफ ने कहा कि अप्रैल 2019 के अनुमान के मुकाबले भारत की विकास दर इस साल 1.2 फीसदी और अगले साल 0.5 फीसदी धीमी रह सकती है। इससे घरेलू मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा कमजोर होने का पता चलता है।

गौरतलब है कि इससे पहले विश्व बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक और मूडीज भी भारत की विकास दर का अनुमान घटा चुके हैं। विकास दर का अनुमान घटाया जाना निश्चित तौर पर मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका बताया जा रहा है। जहाँ एक तरफ सरकार 5 ट्रिलियन इकोनॉमी की बात कर रही है वहीँ दूसरी तरफ दुनिया के तमाम वित्तीय संसथान भारत की विकास दर को कमतर आंक रहे हैं।

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