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महाराष्ट्र में आज सरकार बनाने का आखिरी दिन, और कड़े हुए शिवसेना के तेवर

मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का परिणाम आये हुए 14 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि राज्य में कौन सरकार बनाएगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच पैदा हुई रार और तीखी हो चली है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भूपेंद्र यादव आज मुंबई पहुँच रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेता शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे।

वहीँ दूसरी तरफ शिवसेना बार बार दोहरा रही है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर वह बीजेपी से कोई समझौता नहीं करेगी और मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। दोनों पार्टियों की ज़िद्द के चलते महाराष्ट्र में सप्सेस बढ़ता जा रहा है।

बीजेपी – शिवसेना के बीच फंसा पेंच यदि आज नहीं निकलता है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। यही कारण है कि गुरुवार को राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने कानूनी पहलुओं और संवैधानिक मुद्दों पर महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी से राजभवन में चर्चा की।

महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर 105 सीटें जीती थीं लेकिन बहुमत के लिए उसे 145 का आंकड़ा चाहिए। जो बिना किसी दल के समर्थन के बिना पूरा होना सम्भव नहीं है।

इस बीच शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर भाजपा के पास संख्याबल है तो वह सरकार बनाने का दावा कर सकती है, लेकिन राज्य पर राष्ट्रपति शासन थोपना जनादेश का अपमान होगा। न्याय और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी। न उद्धव ठाकरे झुके हैं और न ही शरद पवार। महाराष्ट्र की अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा।

संजय राउत ने गीता के संदेश पर आधारित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का अंश ट्वीट करते हुए कहा- कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं, बल्कि जूझना जरूरी है।

फिलहाल सभी की निगाहें राजभवन टिकी हैं। देखना है कि आज शाम तक बीजेपी-शिवसेना में सुलह हो पाती है या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाना मज़बूरी हो जाएगा।

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