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पड़ताल: मिड डे मील की रसोई से निकल रहा धूआं दे रहा उज्ज्वला योजना को चुनौती

ब्यूरो (राम मिश्रा,अमेठी):हर रसोई में गैस सिलेंडर उपलब्ध करा देने वाली सरकार की उज्जवला योजना सरकारी स्कूलों की रसोई को धुआं से मुक्त नहीं कर सकी। स्कूलों में एमडीएम का खाना गैस सिलेंडरों के बजाए लकड़ियां जलाकर चूल्हों पर पकाया जा रहा है। धुएं के बीच महिलाएं बच्चों का खाना पका रही हैं।

प्रदूषण रोकने के लिए चूल्हे पर भोजन पकाने की व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है। हर घर तक उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर पहुंचाने की सरकार कोशिश कर रही है, लेकिन यूपी के जनपद अमेठी के परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था इसे मुंह चिढ़ा रही है।

प्राथमिक पाठशाला भनौली मुसाफिरखाना-

मुसाफिरखाना कस्बे से सटे के भनौली प्राथमिक विद्यालय की रसोइया लालती ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि “पिछले कई वर्षों से स्कूल में चूल्हे पर लकड़ी से ही खाना बनाना पड़ रहा है। चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं के कारण आँखों में दर्द और जलन होने लगती है। इतने समय से बस सुनते ही आ रहे हैं कि अगले महीने गैस आ जाएगी, मगर अब तक नहीं आ सकी।”

रसोइया लालती बताती हैं कि “हम लोगों को लकड़ी से बच्चों के लिए खाना बनाने में काफी तकलीफ उठानी पड़ती है। छोटे से रसोइघर में धुएं से तो परेशानी होती ही है और साथ ही जल भी जाते हैं। हम लोग किसी से नहीं कह पाते।”

वहीँ स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुमन वर्मा बताती हैं कि “कई वर्ष बीत गए लेकिन अभी तक गैस का कनेक्शन नहीं हो पाया है विद्यालय में मिड-डे मील चूल्हे पर ही बनताहै।”

Photo: Lokbharat

प्राथमिक विद्यालय मोहिद्दीनपुर मुसाफिरखाना-

शासन की ओर से एलपीजी कनेक्शन में करोड़ों खर्च करने के बाद भी सरकारी स्कूलों में रसोईया चूल्हे पर ही खाना बना रही हैं ।मुसाफिरखाना ब्लॉक के मोहिद्दीनपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी लकड़ी के चूल्हे पर एमडीएम बन रहा है। सूत्रों का कहना है कि वजह स्कूल को प्रोवाइड किया गया एलपीजी कनेक्शन कही और यूज हो रहा है।

वही प्रधानाध्यापिका मोहिद्दीनपुर अंजुम आरा ने बताया विद्यालय में गैस कनेक्शन है लेकिन गैस पर रोटी जल जाती है। चूंकि स्कूल में लगे पेड़ से लकड़ी उपलब्ध है इसीलिए रोटी चूल्हे पर बनाई जाती बाकी खाना गैस पर ही पकता है ।

एक सर्वे के मुताबिक चूल्हे पर खाना बनाने के दौरान निकलने वाले धुएं से बच्चों को नुकसान होता है । बच्चे स्वस्थ रहे इसके लिए शासन ने स्कूलों के लिए एलपीजी कलेक्शन जारी करने के निर्देश दिए थे।

क्या बोले जिम्मेदार-

वही जब इस मामले को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्र से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामलों की जानकारी कर आवश्यक कारवाई की जायेगी ।

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