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डिजिटल कैमरा और ईमेल को लेकर पीएम मोदी का सामने आया एक और झूठ

नई दिल्ली। हाल ही में पीएम मोदी ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, ”एक रैली के दौरान मैंने अपने डिजिटल कैमरा से फोटो खींचा था और उसे ईमेल के जरिए दिल्ली भेजा था, यह बात साल 1987-88 की है।” पीएम ने इसी इंटरव्यू में यह बयान भी दिया था कि आसमान में बादल होने से रडार से बचा जा सकता है।

डिजिटल कैमरा को लेकर पीएम मोदी का यह बयान फिट नहीं बैठ रहा क्यों कि डिजिटल कैमरे का चलन 90 के दशक में शुरू हुआ। इससे पहले फोटो तकनीक में डिजिटल उपकरण नहीं हुआ करते थे।

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। ईमेल और डिजिटल कैमरा को लेकर पीएम मोदी द्वारा दिए गए बयान पर संजय निरुपम ने तंज कैसा कि जब पीएम मोदी पैदा हुए थे तो उनके घर में कलर टीवी चल रहा था।

मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और महाराष्ट्र में उत्तर पश्चिमी सीट से उम्मीदवार संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा कि “मोदीजी ने टीवी इंटरव्यू में जो बातें छुपाई,वो ये हैं- जब पैदा हुए थे तो उनके घर में कलर टीवी चल रहा था (50 का दशक), बडनगर के मिडिल स्कूल में कंप्यूटर पर पूरी पढ़ाई की थी (60 का दशक). जब प्रचारक थे तो संघ का वाट्स अप ग्रुप चलाते थे, (70और 80 का दशक). फेंकने में पैसा नहीं लगता साहब!”

पीएम मोदी के बयान पर आश्चर्य ज़ाहिर करते हुए फिल्म अभिनेता और बेंगलुरु सेंट्रल से निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश राज ने ट्विटर पर लिखा, ”हम लोगों को जहां तक जानकारी है तो 90 के दशक में डिजिटल कैमरा के बारे में जानकारी हुई थी लेकिन हमारे चौकीदार के पास डिजिटल कैमरे और ईमेल की जानकारी 80 के दशक में ही हो गई थी, हालांकि वे उस समय जंगल में थे…महाभारत पढ़ते हुए. बादलों से घिरे हुए. उल्लू बनाने के भी हद होती है भाई।”

अर्थशास्त्री रूपा सुब्रमण्या ने तंज कसा कि 1988 में ईमेल की सुविधा तो पश्चिमी देशो में भी कुछ चुनिंदा शैक्षिक और वैज्ञानिक संस्थानों के पास ही थी लेकिन मोदी ने 1988 में ही ईमेल कर दिया जबकि देश में बाकी लोगों को यह सुविधा 1995 के बाद उपलब्ध हो सकी।

क्या कहा था पीएम मोदी ने :
एक चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि “देश में मैंने पहली बार डिजिटल कैमरे का इस्तेमाल किया था, शायद 1987-88 में. उस समय काफी कम लोगों का ई-मेल रहता था। मेरे यहां वीरमगाम तहसील में आडवाणी जी की सभा थी। मैंने तब डिजिटल कैमरा में उनकी फोटो ली, तब मेरे पास डिजिटल कैमरा था. मैंने दिल्ली को फोटो ट्रांसमिट की, जिसके बाद उनकी कलर फोटो छपी। आडवाणी जी को बड़ा सरप्राइज हुआ कि दिल्ली में मेरी कलर फोटो आज की आज कैसे छपी?”

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